निर्णायक दौर से गुजर रहा है देश, ध्यान भटकाने वाले मुद्दों में न उलझें: राष्ट्रपति

राष्ट्रपति ने कहा, "आज हम एक निर्णायक दौर से गुजर रहे हैं. ऐसे में हमें इस बात पर जोर देना है कि हम ध्यान भटकाने वाले मुद्दों में न उलझें और न ही निरर्थक विवादों में पड़कर अपने लक्ष्यों से हटें."

News18Hindi
Updated: August 14, 2018, 9:32 PM IST
निर्णायक दौर से गुजर रहा है देश, ध्यान भटकाने वाले मुद्दों में न उलझें: राष्ट्रपति
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश को संबोधित किया.
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Updated: August 14, 2018, 9:32 PM IST
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम अपना संबोधन दिया. इस संबोधन में राष्ट्रपति ने अहिंसा, महिला सशक्तिकरण, किसानों, युवाओं और सैनिकों पर बात की. राष्ट्रपति ने कहा कि फिलहाल देश एक निर्णायक दौर से गुजर रहा है और युवाओं को ध्यान भटकाने वाले मुद्दों में नहीं उलझना चाहिए.

राष्ट्रपति ने कहा, "आज हम एक निर्णायक दौर से गुजर रहे हैं. ऐसे में हमें इस बात पर जोर देना है कि हम ध्यान भटकाने वाले मुद्दों में न उलझें और न ही निरर्थक विवादों में पड़कर अपने लक्ष्यों से हटें."

देश हम सबका है, केवल सरकार का नहीं, राष्ट्रपति के संबोधन की पांच खास बातें

आज जो निर्णय हम ले रहे हैं, जो बुनियाद हम डाल रहे हैं, जो परियोजनाएं हम शुरू कर रहे हैं, जो सामाजिक और आर्थिक पहल हम कर रहे हैं– उन्हीं से यह तय होगा कि हमारा देश कहां तक पहुंचा है. हमारे देश में बदलाव और विकास तेजी से हो रहा है और इस की सराहना भी हो रही है.


कोविंद ने कहा, "आज हम अपने इतिहास के एक ऐसे मोड़ पर खड़े हैं जो अपने आप में बहुत अलग है. आज हम कई ऐसे लक्ष्यों के काफी क़रीब हैं, जिनके लिए हम वर्षों से प्रयास करते आ रहे हैं. सबके लिए बिजली, खुले में शौच से मुक्ति, सभी बेघरों को घर और अति-निर्धनता को दूर करने के लक्ष्य अब हमारी पहुंच में हैं."

राष्ट्रपति ने कहा कि अपना काम निष्ठा व लगन से करने वाला हर नागरिक स्वाधीनता के आदर्शों का पालन करता है. फिर चाहे वह डॉक्टर हो, नर्स हो, शिक्षक हो, लोक सेवक हो, फैक्ट्री वर्कर हो, व्यापारी हो, बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल करने वाली संतान हो. हमारे जो देशवासी क़तार में खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं, और अपने से आगे खड़े लोगों के अधिकारों का सम्मान करते हैं, वे भी हमारे स्वाधीनता सेनानियों के सपनों का भारत बनाते हैं.
First published: August 14, 2018, 7:52 PM IST
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