भारत नौवहन की स्वतंत्रता का पक्षधर है : विदेश मंत्रालय ने एससीएस विवाद पर कहा

भारत (India) ने गुरुवार (Thursday) को कहा कि वह नौवहन (Shipping), विदेशी हवाई-क्षेत्र में विमानों को उड़ान भरने देने तथा अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में बिना रोक टोक के वैध तरीके से व्यवसाय (Business) करने देने की स्वतंत्रता का ठोस पक्षधर है.

News18Hindi
Updated: August 30, 2019, 11:48 AM IST
भारत नौवहन की स्वतंत्रता का पक्षधर है : विदेश मंत्रालय ने एससीएस विवाद पर कहा
विदेश मंत्रालय ने एससीएस विवाद पर बोले
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Updated: August 30, 2019, 11:48 AM IST
दक्षिण चीन सागर (South China Sea) क्षेत्र में तनाव के बीच, भारत (India) ने गुरुवार (Thursday) को कहा कि वह नौवहन (Shipping), विदेशी हवाई-क्षेत्र में विमानों को उड़ान भरने देने तथा अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में बिना रोक टोक के वैध तरीके से व्यवसाय (Business) करने देने की स्वतंत्रता का ठोस पक्षधर है.

भारत की ओर से इस तरह की बातें उस समय की गई जब वियतनाम के हिस्से वाले दक्षिण चीन सागर में चीनी पोत घुसने से दोनों देशों के बीच काफी तनातनी बढ़ गई थी.

पोत स्प्रैटली द्वीप के पास जलक्षेत्र से गुजरा था जहां वियतनाम की कई आइल एवं गैस प्रोजेक्ट हैं.

मुद्दे के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि दक्षिण चीन सागर में पूरी दुनिया का हित है इसलिए क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता बनाए रखने में भारत का हित है.

उन्होंने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय कानूनों विशेष कर यूएनसीएलओएस (UNCLOS) के अनुरूप नौवहन और विदेशी हवाई-क्षेत्र में विमानों को उड़ान भरने देने तथा अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में बेरोक-टोक वैध तरीके से व्यवसाय करने देने की स्वतंत्रता का ठोस पक्षधर है.

कुमार ने कहा कि भारत यह भी मानता है कि किसी भी तरह के मतभेद को कानूनी एवं कूटनीतिक प्रक्रियाओं के माध्यम से शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना चाहिए न कि धमकियों और बल का प्रयोग करके.

इस तरह की बातें चीनी सर्वेक्षण पोत के वियतनाम से जुलाई में दुश्मनी मोल लेने को लेकर पनपे तनाव के बीच कही गई हैं.
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First published: August 30, 2019, 11:48 AM IST
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