भारत ऐसा अनूठा संसदीय लोकतंत्र है जहां सवाल करने की अनुमति नहीं है: चिदंबरम

भारत ऐसा अनूठा संसदीय लोकतंत्र है जहां सवाल करने की अनुमति नहीं है: चिदंबरम
पूर्व वित्त मंत्री ने सरकार को देश की आर्थिक हालात के लिए भी निशाने पर लिया. (File Photo)

P Chidambaram Tweet on India-China Standoff & Migrant Labourers Data: कांग्रेस नेता पी चिदंबरम (Congress Leader P Chidambaram) ने भारत-चीन तनाव और लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान जान गंवाने वाले प्रवासियों (Migrant Labourers) का आंकड़ा उपलब्ध नहीं होने के केंद्र सरकार के बयान पर निशाना साधा

  • भाषा
  • Last Updated: September 16, 2020, 11:01 PM IST
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नई दिल्ली. कांग्रेस नेता पी चिदंबरम (Congress Leader P Chidambaram) ने मंगलवार को कहा कि भारत (India) एक ऐसा अनूठा संसदीय लोकतंत्र (Democracy) है जहां कोई प्रश्न नहीं पूछा जाता है और कोई बहस नहीं होती है. लद्दाख (Ladakh) में जारी गतिरोध के मुद्दे पर लोकसभा (Loksabha) में पार्टी को नहीं बोलने देने के बाद चिदंबरम ने यह टिप्पणी की. पूर्वी लद्दाख (Northern Ladakh) में चीन के साथ सीमा पर जारी गतिरोध पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) के बयान देने के बाद कांग्रेस (Congress) को बोलने की अनुमति नहीं दिए जाने से नाराज कांग्रेस के सदस्यों ने लोकसभा वॉकआउट किया और संसद भवन परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने एकत्र होकर विरोध-प्रदर्शन किया.

चिदंबरम ने ट्वीट किया, ' आज भारत एक ऐसा अनूठा संसदीय लोकतंत्र है जहां कोई प्रश्न नहीं पूछा जाता सकता है और जहां बहस की अनुमति नहीं है.' उन्होंने लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान जान गंवाने वाले प्रवासियों (Migrant Labourers) का आंकड़ा उपलब्ध नहीं होने के केंद्र सरकार के बयान पर भी हमला किया.
वरिष्ठ नेता ने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा, ' आज भारत एक ऐसा अनूठा देश है जहां लंबी दूरी तय करके अपने घरों को जाने वाले प्रवासियों की मौत या घर पहुंचने के बाद हुई उनकी मौत का कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है.'

पूर्व वित्त मंत्री ने सरकार को देश की आर्थिक हालात के लिए भी निशाने पर लिया.




बता दें विपक्ष ने भी कोविड-19 से उत्पन्न स्थिति से निबटने के तौर-तरीकों को लेकर केन्द्र की भाजपा सरकार को आड़े हाथ लेते हुए बुधवार को राज्यसभा में कहा कि यदि लॉकडाउन की घोषणा से पहले समुचित तैयारी की जाती तो प्रवासी मजदूरों सहित देश के एक बड़े वर्ग को इतनी कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ता. विपक्षी सदस्यों ने केन्द्र से राज्यों का बकाया तुरंत जारी करने और उन्हें साथ लेकर चलने की मांग भी की ताकि वे कोरोना वायरस के कारण उत्पन्न स्थिति से बेहतर ढंग से निबट सकें.
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