पाकिस्तान को तगड़ा झटका देने की तैयारी में मोदी सरकार, रोकेगी इन तीन नदियों का पानी

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Updated: August 21, 2019, 6:51 PM IST
पाकिस्तान को तगड़ा झटका देने की तैयारी में मोदी सरकार, रोकेगी इन तीन नदियों का पानी
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भारत की ओर से तैयारी की जा रही है कि पानी पाकिस्तान की तरफ न जा सके. (PTI)

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत (Union Jal Shakti Minister Gajendra S Shekhawat) ने कहा कि रावी, ब्यास और सतलुज नदी कई सहायक नदियाों का पानी पाकिस्तान की तरफ जाता है. ऐसे में भारत की ओर से तैयारी की जा रही है कि ये पानी पाकिस्तान की तरफ न जा सके.

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जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) को विशेष दर्जा देने वाले आर्टिकल 370 (Article 370) के अधिकतर प्रावधान हटाए जाने से पाकिस्तान (Pakistan) तमतमाया हुआ है. भारत (India) के इस कदम से परेशान होकर अब इस मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की कोशिश कर रहा है. इसी बीच भारत भी पाकिस्तान को झटका देने की तैयारी में है.

मोदी सरकार में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा है सिंधु जल संधि (Sindhu Water Treaty) के तहत भारत के बड़े हिस्से का पानी पाकिस्तान की ओर जाता है. हम इस पर तेजी से काम कर रहे हैं कि हमारे हिस्से का जो पानी पाकिस्तान की ओर जा रहा है, उसे डायवर्ट करके अपने देश के किसानों, कारखानों और लोगों के इस्तेमाल के लिए लाया जा सके.

गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा हम हाइड्रोलॉजिकल और टेक्नो फिजिबिलिटी स्टडीज पर काम कर रहे हैं, मैंने निर्देश दिया है कि इसे तुरंत किया जाना चाहिए, ताकि हम अपनी योजनाओं को अंजाम दे सकें. शेखावत ने कहा कि रावी, ब्यास और सतलुज नदी कई सहायक नदियाों का पानी पाकिस्तान की तरफ जाता है. ऐसे में भारत की ओर से तैयारी की जा रही है कि ये पानी पाकिस्तान की तरफ न जा सके.

भारत-पाक तनाव के बीच आया फैसला

शेखावत का ये बयान भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच आया है. गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले आर्टिकल 370 के अधिकतर प्रावधान हटाए जाने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के मोदी सरकार के फैसले से पाकिस्तान को तगड़ा झटका लगा है.

हालांकि पाकिस्तान के लिए भारत की नदियों का पानी रोके जाने को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने भी मई में बयान दिया था. नितिन गडकरी ने कहा था कि पाकिस्तान लगातार आतंकवाद का समर्थन कर रहा है इसके चलते भारत, पाकिस्तान की ओर जाने वाली नदियों के पानी को रोकने की तैयारी कर रहा है.

1960 में हुई थी सिंधु जल संधि
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बता दें भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति अयूब खान ने सन् 1960 सिंधु जल संधि पर हस्ताक्षर किए थे. संधि के अनुसार पूर्वी नदियों- रावी, ब्यास और सतलुज के पानी पर भारत का पूरी तरह से अधिकार है. इसके बदले में भारत को पश्चिमी नदियों- सिंधु, चेनाब और झेलम का पानी निर्बाध रूप से पाकिस्तान को देना होगा.

इस संधि के मुताबिक भारत भी पश्चिमी नदियों का पानी का इस्तेमाल कर सकता है लेकिन सिर्फ घरेलू, सिंचाई और हाइड्रोपावर प्रोडक्शन के लिए कर सकता है. कल-कारखानों के लिए भारत इस पानी का इस्तेमाल नहीं कर सकता है.

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First published: August 21, 2019, 6:45 PM IST
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