Corona Vaccine: DCGI आज कोरोना वैक्सीन पर करेगा बड़ा ऐलान, चार हफ्ते में लेनी होगी दो खुराक

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने शनिवार को दिल्ली स्थिति जीटीबी अस्पताल में कोरोना वैक्सीन के ड्राइ रन का मुआयना किया.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने शनिवार को दिल्ली स्थिति जीटीबी अस्पताल में कोरोना वैक्सीन के ड्राइ रन का मुआयना किया.

भारत के ड्रग्स रेगुलेटर (DCGI) ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन और भारत बायोटेक द्वारा स्थानीय स्तर पर विकसित एक अन्य वैक्सीन की चार हफ्तों के अंतर पर दो खुराक की मंजूरी दे सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 3, 2021, 9:06 AM IST
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नई दिल्ली. भारत के ड्रग्स रेगुलेटर (DCGI) ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन (Corona Vaccine) और भारत बायोटेक द्वारा स्थानीय स्तर पर विकसित एक अन्य वैक्सीन की चार हफ्तों के अंतर पर दो खुराक की मंजूरी दे सकते हैं. समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने रविवार को दो सूत्रों के हवाले से यह खबर दी है.

भारत के केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) के विशेषज्ञों ने पहले ही दो टीकों को मंजूरी दे दी है और उम्मीद है कि रविवार को होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में DCGI के प्रमुख इसके इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी का ऐलान कर सकते हैं. इस रिपोर्ट में साथ ही कहा गया है कि सीडीएससीओ को इस बाबत जानकारी के लिए कॉल किया गया था, लेकिन दफ्तर का वक्त खत्म होने के चलते उनसे संपर्क नहीं हो सका.

डीसीजीआई की प्रेस कॉन्फ्रेंस ऐसे समय में हो रही है जब केंद्रीय औषधि प्राधिकरण की एक विशेषज्ञ समिति की ओर से शनिवार को ही भारत में स्वदेशी रूप से विकसित कोविड-19 रोधी वैक्सीन ‘कोवैक्सीन’ के कुछ शर्तों के साथ आपात इस्तेमाल के लिए मंजूरी देने की सिफारिश हो चुकी है. इससे पहले केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की कोविड-19 संबंधी एक विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) ने शुक्रवार को ऑक्सफोर्ड के कोरोना वायरस रोधी टीके के भारत में आपात इस्तेमाल के लिए मंजूरी देने की भी सिफारिश की थी. एसईसी की सिफारिश के साथ ही भारत में कोरोना की पहली वैक्सीन का रास्ता भी साफ हो गया था.


भारत ने ब्रिटेन में मिले कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन को किया अलग

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने शनिवार को कहा कि ब्रिटेन में सामने आये कोरोना वायरस के नये प्रकार (स्ट्रेन) का भारत ने सफलतापूर्वक 'कल्चर' किया है. 'कल्चर' एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसके तहत कोशिकाओं को नियंत्रित परिस्थितियों के तहत उगाया जाता है और आमतौर पर उनके प्राकृतिक वातावरण के बाहर ऐसा किया जाता है. आईसीएमआर ने एक ट्वीट में दावा किया कि किसी भी देश ने ब्रिटेन में पाए गए सार्स-कोवी-2 के नए प्रकार को अब तक सफलतापूर्वक पृथक या ‘कल्चर’ नहीं किया है. आईसीएमआर ने कहा कि वायरस के ब्रिटेन में सामने आए नए प्रकार को सभी स्वरूपों के साथ राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान में अब सफलतापूर्वक पृथक और कल्चर कर दिया गया है. इसके लिए नमूने ब्रिटेन से लौटे लोगों से एकत्र किये गये थे.

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