अमेरिका से ताकतवर जासूसी ड्रोन भी खरीद सकता है भारत, फिर नहीं बच पाएगा दुश्‍मन

अमेरिका से यूएवी खरीद सकता है भारत.
अमेरिका से यूएवी खरीद सकता है भारत.

India-China tensions: चीन से तनाव के बीच एक ओर जहां लद्दाख में वायुसेना और थलसेना ने मोर्चा संभाले है, वहीं दूसरी ओर हिंद महासागर में नौसेना मोर्चा संभाले है. नौसेना वहां चीनी युद्धपोतों पर नजर रखे हुए है.

  • Share this:
नई दिल्‍ली. चीन (China) के साथ चल रहे विवाद और पाकिस्‍तान (Pakistan) को देखते हुए भारत की सेनाएं (Indian Forces) पूरी तरह से अपने आपको तैयार कर रही हैं. इसी के चलते वायुसेना (IAF) और थलसेना ने लद्दाख (Ladakh) में पिछले दिनों अपना अभ्‍यास भी किया था, ताकि युद्ध के मैदान में विजय हासिल करने में आसानी हो. इन सबके बीच भारत अमेरिका (United States) से एक शक्तिशाली जासूसी ड्रोन रेवन (RQ-11 UAV) भी खरीदने की दिशा में काम कर रहा है. यह ड्रोन सेना को दुश्‍मन की पल-पल की जानकारी आसानी से मुहैया कराने में सक्षम होगा. इसके साथ ही इजरायल से गोला-बारूद और तोप के गोले भी खरीदने पर काम हो रहा है.

हिंदुस्‍तान टाइम्‍स की खबर के मुताबिक भारतीय सेना 200 RQ-11 UAV यानी रेवन ड्रोन खरीद सकती है. यह अमेरिकी ड्रोन 10 किमी तक की ऊंचाई पर उड़ान भरने में सक्षम हैं. साथ ही इनकी अधिकतम रफ्तार 95 किमी प्रति घंटा है. ऐसे में यह मैदान में सेना को दुश्‍मन पर निगाह रखने में काफी मदद करेंगे. इसके साथ ही भारत को फ्रांस से इसी महीने पांच मल्‍टीरोल लड़ाकू विमान राफेल भी मिलने वाले हैं. इनके अलावा चार राफेल को फ्रांस में ही ट्रेनिंग के लिए इस्‍तेमाल किया जाना है. भारतीय नौसना भी पूरी तरह से तैयार है. नौसेना इस साल के अंत तक बैलिस्टिक मिसाइल दागने में सक्षम अपनी दूसरी परमाणु चालित पनडुब्‍बी आईएनएस अरिघात भी लॉन्‍च करने की तैयारी में है.

चीन के साथ लद्दाख में बढ़े तनाव के कारण भारतीय सेना ने इजरायल से आपातकालीन स्‍तर पर स्‍पाइक मार्क तृतीय एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल खरीदी थी. अब सेना इजरायल से ही फायरफ्लाई गोला-बारूद खरीद रही है. यह गोला-बारूद एक किमी की रेंज में कहीं भी छिपे दुश्‍मन पर सटीक वार करने में सक्षम है. इसकी एक खासियत यह भी है कि अगर दुश्‍मन अपनी पोजिशन बदलता है तो इसे वापस भी बुलाया जा सकता है.

एक ओर जहां लद्दाख में वायुसेना और थलसेना मोर्चा संभाले है, वहीं दूसरी ओर हिंद महासागर में नौसेना मोर्चा संभाले है. नौसेना वहां चीनी युद्धपोतों पर नजर रखे है. गुरुग्राम स्थित अपने सेंटर के जरिये नौसेना अरब सागर और हिंद महासागर में चीन की छह युद्धपोतों पर नजर रखे हुए थी. नौसेना के अफसर के मुताबिक चीन के यह युद्धपोत बलूचिस्‍तान के ग्‍वादर बंदरगाह के आसपास थे. नौसेना इन पर नजर रखे थी. ये सभी एक-एक करके चीन वापस लौट गए हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज