भारत ने ब्रिटेन से वापस मांगी 15वीं शताब्दी में चोरी हुई मूर्ति

ऑक्सफोर्ड स्थित एशमोलेन म्यूजियम की फाइल फोटो (एशमोलेन म्यूजियम/ Twitter)

ऑक्सफोर्ड स्थित एशमोलेन म्यूजियम की फाइल फोटो (एशमोलेन म्यूजियम/ Twitter)

ऑक्सफोर्ड (Oxford) में एशमोलेन म्यूजियम (Ashmolean Museum) है, जहां 1967 की लंदन नीलामी के बाद यह मूर्ति लाई गई थी. दिसंबर में भारतीय राजदूत (Indian Ambassador) ने जानकारी दी थी कि एक नए रिसर्च में मूर्ति के उत्पत्ति स्थान के बारे में सवाल उठाए गए थे और अधिक जानकारियों की मांग की गई थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 24, 2020, 6:58 PM IST
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लंदन. भारत ने ब्रिटेन (Britain) से एक 15वीं शताब्दी की कांस्य मूर्ति (15th-century Bronze Idol) को लौटाने की औपचारिक मांग की है. माना जाता है कि इस मूर्ति को तमिलनाडु (Tamil Nadu) के एक मंदिर से चुराया गया था, जिसके बाद इसे लंदन (London) की एक नीलामी में नीलाम किया गया और इस तरह अंतत: यह मूर्ति ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford University) के एशमोलेन म्यूजियम (Ashmolean Museum) पहुंची.



संत तिरुमानकई अलवार की यह मूर्ति, यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड (University of Oxford) के एशमोलेन म्यूजियम में 1967 के साउथबेई की नीलामी के जरिए पहुंची थी. इस नीलामी में जेआर बेलमॉन्ट (J R Belmont) नाम के एक ब्रिटिश कलेक्टर (British Collector) के कलेक्शन की नीलामी की गई थी.



म्यूजियम ने माना, 'तमिलनाडु के मंदिर के कांसे से मेल खाता है मूर्ति का कांसा'

म्यूजियम का कहना है कि उसे एक स्वतंत्र रिसर्चर (Independent Researcher) ने प्राचीन मूर्ति के मूल देश के बारे में पिछले साल नवंबर, 2019 में जानकारी दी थी. जिसके बाद इसने भारतीय दूतावास को इसके बारे में बताया था.
एशमोलेन म्यूजियम ने सोमवार को एक बयान में कहा है, IFP-EFEO (इंस्टीट्यूट फ्रांकाइस डे पॉन्डिचेरी एंड द इकोल फ्रांकाइस द'एक्सट्रीम ओरियंट) के फोटो आर्काइव के रिसर्च से लगता है कि यह 1957 में तमिलनाडु (Tamil Nadu) के श्री सौंदरराजनपेरुमल कोविल मंदिर में नजर आई.”





म्यूजियम ने आधिकारिक तौर पर उच्चायोग से मांगी थी पुलिस रिकॉर्ड की जानकारी

यद्यपि इस मूर्ति के बारे में आधिकारिक रूप से कोई दावा नहीं किया गया था लेकिन संग्रहालय ने आधिकारिक रूप से मामले में पिछले साल 16 दिसंबर को भारतीय उच्चायोग (Indian High Commission) का ध्यान आकर्षित किया और उनसे इस बारे में पुलिस रिकॉर्ड (Police Records) समेत अन्य जानकारियां मांगी जिससे उन्हें इसके मूल-स्रोत के बारे में मदद मिलेगी.



ब्रिटेन में भारतीय उच्चायुक्त (Indian High Commissioner) रुचि घनश्याम ने संग्रहालय द्वारा उठाए गए कदम पर संज्ञान लिया और आगे की कार्रवाई के लिये मामले को भारतीय अधिकारियों (Indian Officers) के समक्ष भेजा. इसके बाद इस महीने के शुरू में संग्रहालय से इस मूर्ति को लौटाने को लेकर औपचारिक अनुरोध किया.



भारत की तरफ से इस बारे में और जानकारी दिये जाने के बाद संग्रहालय (Museum) अब आगे की जांच कर रहा है.



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