नक्शा विवाद की तल्खी के बीच नेपाल के साथ हुई मीटिंग खत्म, कई अहम मुद्दों पर हुई चर्चा 

नक्शा विवाद की तल्खी के बीच नेपाल के साथ हुई मीटिंग खत्म, कई अहम मुद्दों पर हुई चर्चा 
नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और भारत के पीएम नरेंद्र मोदी (File Photo)

नेपाल (Nepal) ने मई में नया राजनीतिक मानचित्र जारी करने से भारत (India) के साथ द्विपक्षीय संबंधों में तल्खी आने के बाद दोनों देशों के बीच यह पहली उच्च-स्तरीय वार्ता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 17, 2020, 3:43 PM IST
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काठमांडू. भारत (India) और नेपाल (Nepal) के शीर्ष राजनयिकों ने सोमवार को डिजिटल बैठक कर भारत की मदद से नेपाल में चल रही विकास संबंधी विभिन्न परियोजना की प्रगति की समीक्षा की. नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली (KP Sharma Oli) ने अपने भारतीय समकक्ष नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को भारत के 74वें गणतंत्र दिवस की बधाई दी थी, जिसके बाद यह बैठक हुई है.

नेपाल ने मई में नया राजनीतिक मानचित्र जारी करने से भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों में तल्खी आने के बाद दोनों देशों के बीच यह पहली उच्च-स्तरीय वार्ता है. नेपाल के विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार नेपाली विदेश सचिव शंकर दास बैरागी और नेपाल में भारतीय राजदूत विजय मोहन क्वात्रा ने इस समीक्षा बैठक में अपने-अपने देश के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया.

सूत्रों ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के चलते डिजिटल माध्यम से हुई इस बैठक में नेपाल में भारत की मदद से चल रही विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं की समीक्षा की गई. बैठक के बारे में और जानकारी उपलब्ध नहीं हो पाई है. भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आठ मई को उत्तराखंड के धारचुला को लिपुलेख दर्रे से जोड़ने वाली सामरिक रूप से महत्वपूर्ण 80 किलोमीटर लंबी सड़क का उद्घाटन किया था, जिसके बाद दोनों देशों के बीच रिश्तों में तनाव पैदा हो गया था.



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नेपाल ने नए राजनीतिक नक्शे ने दोनों देशों के बीच तल्खी बढ़ाई
नेपाल ने इसका विरोध करते हुए दावा किया कि यह सड़क उसके क्षेत्र से होकर गुजरती है. इसके कुछ समय बाद नेपाल ने नया राजनीतिक नक्शा जारी किया, जिसमें लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा को उसके क्षेत्र में दिखाया गया है. जून में नेपाल की संसद ने देश के नए राजनीतिक मानचित्र को मंजूरी दे दी, जिस पर भारत ने कड़ा ऐतराज जताया.
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