नेपाल संसद में नया नक्शा पास होने से पहले भारत ने की थी बातचीत की पहल: सूत्र

नेपाल संसद में नया नक्शा पास होने से पहले भारत ने की थी बातचीत की पहल: सूत्र
ओली सरकार द्वारा नया नक्शा जारी करना भारत के साथ सीमा विवाद का राजनीतिकरण करने का प्रयास था

सूत्रों ने कहा भारत (India) और नेपाल (Nepal_ के बीच बातचीत के लिये अनुकूल माहौल तैयार करने का दायित्व नेपाली प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (KP Sharma Oli) और उनकी सरकार का है क्योंकि नया राजनीतिक नक्शा जारी करना राजनीतिक फायदा हासिल करने का उसका “अदूरदर्शी” एजेंडा था.

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  • Last Updated: June 16, 2020, 12:39 AM IST
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नई दिल्ली. सरकारी सूत्रों ने सोमवार को CNN-News18 को बताया कि नेपाल (Nepal) के नए नक्शे के मुद्दे पर वार्ता का नवीनतम प्रस्ताव संवैधानिक संशोधन बिल पारित होने के लिए नेपाली संसद में जाने से पहले भारत (India) ने किया था. सूत्रों ने कहा, "विधेयक के पारित होने के साथ, उन्होंने बातचीत के परिणाम को पूर्व-निर्धारित समझ लिया है. फिर भी, वार्ता के लिए अनुकूल और सकारात्मक माहौल बनाने का दायित्व ओली सरकार पर है."

उन्होंने कहा, भारत और नेपाल के बीच बातचीत के लिये अनुकूल माहौल तैयार करने का दायित्व नेपाली प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (KP Sharma Oli) और उनकी सरकार का है क्योंकि नया राजनीतिक नक्शा जारी करना राजनीतिक फायदा हासिल करने का उसका “अदूरदर्शी” एजेंडा था.

सूत्रों ने कहा कि ओली सरकार द्वारा नया नक्शा जारी करना भारत के साथ सीमा विवाद का राजनीतिकरण करने का प्रयास था और यह दर्शाता है कि नेपाल दशकों पुराने इस मुद्दों को बातचीत के जरिये हल करने को लेकर गंभीर नहीं है.



भारत के हिस्सों को नेपाल ने नक्शे में किया शामिल
नेपाल ने पिछले महीने देश का एक नया राजनीतिक नक्शा जारी किया था जिसमें लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा के विवादित क्षेत्र को दर्शाया गया है, जिन्हें भारत अपना इलाका बताता रहा है. ओली के नेतृत्व वाली कम्युनिस्ट सरकार ने शनिवार को इस नए नक्शे को संसद के निचले सदन से सर्वसम्मति से पारित करा लिया था जबकि भारत ने कड़े शब्दों में स्पष्ट कर दिया था कि “कृत्रिम रूप से बढ़ा-चढ़ाकर” पेश किये गए क्षेत्रीय दावे स्वीकार करने योग्य नहीं हैं. स्थिति पर भारत के रुख को परिलक्षित करते हुए एक सूत्र ने कहा, “यह कार्रवाई अदूरदर्शी और एक सीमित राजनीतिक एजेंडे को साधने वाली है.”

तथ्यों और साक्ष्यों से प्रेरित नहीं नया नक्शा
सूत्रों ने कहा कि अब यह दायित्व प्रधानमंत्री ओली का है कि वह संवाद का अनुकूल माहौल तैयार करने के लिये सकारात्मक और ठोस कदम उठाएं. उन्होंने कहा कि नया नक्शा जारी करना और उसे कानूनी समर्थन दिलवाना यह स्पष्ट रूप से पर्याप्त संकेत है कि नया नक्शा “राजनीतिक फायदे का एक औजार” है क्योंकि यह न तथ्यों और न ही साक्ष्यों से प्रेरित है.

भारत ने हमेशा दी सकारात्मक प्रक्रिया
सूत्रों ने कहा कि भारत ने नेपाल के साथ बातचीत के प्रस्ताव पर हमेशा सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और वहां की संसद के निचले सदन में नक्शे के मुद्दे को चर्चा के लिये उठाए जाने से ठीक पहले भी भारत ने इस विषय पर नेपाल से संपर्क किया था.

सूत्रों ने ओली के उस दावे को भी खारिज कर दिया कि नेपाल में कोविड-19 के मामले उन लोगों की वजह से बढ़ रहे हैं जो भारत से वापस लौटे हैं. उन्होंने कहा कि यह गलत और विकृत दावा है.

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