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पाकिस्तान का दोहरापन, भारत संग सीजफायर की सहमति के बावजूद घाटी में आतंकी हमलों में बढ़ोत्तरी

पाकिस्तान में बैठे आतंकी संगठनों के आका कश्मीर में टूरिस्ट सीजन से पहले ही माहौल बिगाड़ देना चाहते हैं. (AP Photo/ Dar Yasin)

पाकिस्तान में बैठे आतंकी संगठनों के आका कश्मीर में टूरिस्ट सीजन से पहले ही माहौल बिगाड़ देना चाहते हैं. (AP Photo/ Dar Yasin)

India-Pakistan ceasefire agreement: एलओसी पर तो तोपें भले खामोश हो गई हों, लेकिन बम की आवाजों से घाटी दहलनी शुरू हो गई है.

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नई दिल्ली. भारत और पाकिस्तान के बीच एलओसी पर सीजफायर की सहमति के बाद से कश्मीर में आतंकी हमलों का सिलसिला तेज हो गया है. सुरक्षा बलों पर आए दिन हमले हो रहे हैं, जिसमें सैन्यकर्मियों के साथ स्थानीय निवासियों की भी जान जा रही है. FATF की ग्रे लिस्ट से बाहर आने के लिए ये पाकिस्तान का एक नया पैंतरा भी हो सकता है. जानकारों की मानें तो एलओसी पर आतंकियों की घुसपैठ के लिए पाकिस्तान की ओर से की जाने वाली गोलीबारी तो बंद है, लेकिन पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के आकाओं की कार्रवाई एक्टिव हो गई है. पाकिस्तान सुधरने के नाम पर कश्मीर की तस्वीर पेश करना चाहता है कि घाटी में आतंकी घटनाएं हो रही हैं और ये भारत का आतंरिक मामला है. पाकिस्तान का उसमें कोई हाथ नहीं है.

अनुच्छेद 370 हटने के बाद से घाटी के हालात तेजी से बदले हैं. स्थानीय लोगों को केन्द्र की तरफ से मिल रही सुविधाओं से राहत महसूस होने लगी तो आतंकियों को अपना खेल बिगड़ता दिख रहा है. पिछले साल पाकिस्तान ने सीजफायर के उल्लंघन का नया कीर्तिमान बनाया था. कोरोना काल में ही 4,745 बार एलओसी पर गोलीबारी की थी. 24 फरवरी को भारत और पाकिस्तान के डीजीएमओ की बात हुई थी और उसके बाद से दोनों देशों ने सहमति जताई थी की एलओसी पर किसी भी तरह की फायरिंग नहीं होगी, लेकिन इस बात पर पाकिस्तान ने कोई सहमति नहीं दी की वो आतंकी गतिविधियों को लगाम लगाने पर कार्रवाई करेगा.

एलओसी पर तो तोपें भले खामोश हो गई हों, लेकिन बम की आवाजों से घाटी दहलनी शुरू हो गई है. अगर इस महीने घाटी में आतंकी वारदातों के आँकड़े पर गौर करें तो 12 हमलों को आतंकियों ने अंजाम दिया है. इनमें ग्रेनेड हमले, बैंक लूटने की कोशिश, सुरक्षाबलों के हथियारों को छीनने और हमला करने जैसी घटनाएं शामिल हैं. इन हमलों में दर्जन भर से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जबकि कई लोगों की जान भी गई है. बेमिसाल बहादुरी की मिसाल कायम रखते हुए सुरक्षाबलों ने 11 आतंकियों को ढेर भी किया है.

हालांकि आतंकियों के हमलों में न कोई कमी आई है और न ही आने वाले दिनों में आने की संभावना है. पाकिस्तान में बैठे आतंकी संगठनों के आका कश्मीर में टूरिस्ट सीजन से पहले ही माहौल बिगाड़ देना चाहते हैं ताकि भारत सरकार के विकास के काम में बाधा खड़ी की जा सके, लेकिन आतंकियों की किसी भी जुर्रत को नाकाम करने के लिए भारतीय सुरक्षाबलों पूरी तरह से मुस्तैद हैं.
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