भारत-पाकिस्तान के बीच ब्रिगेड कमांडर लेवल बैठक, जानिए क्या हुई बात

भारत पाक के विदेश मंत्री होंगे आमने सामने, जानिए पिछले दिनों क्या कुछ हुआ है. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

भारत पाक के विदेश मंत्री होंगे आमने सामने, जानिए पिछले दिनों क्या कुछ हुआ है. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

बैठक पूंछ-रावलकोट क्रॉसिंग प्वाइंट के पास शुक्रवार को हुई. ब्रिगेड कमांडर लेवल अधिकारियों की बैठक (Brigade Commander Level Meeting) के दौरान सीजफायर लागू करने के सिस्टम को लेकर बातचीत हुई. बीते महीने के आखिरी में दोनों देशों की तरफ से LOC पर सीजफायर की घोषणा की गई थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 26, 2021, 8:38 PM IST
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नई दिल्ली. भारत-पाकिस्तान के बीच ब्रिगेड कमांडर लेवल अधिकारियों की एक बैठक (Brigade Commander Level Meeting) सीजफायर नियमों को लागू करने के लिए हुई है. ये बैठक पूंछ-रावलकोट क्रॉसिंग प्वाइंट के पास शुक्रवार को हुई. बैठक के दौरान सीजफायर लागू करने के सिस्टम को लेकर बातचीत हुई.

बीते महीने LOC को लेकर दोनों देशों के ज्वाइंट स्टेटमेंट में कहा गया था- दोनों DGMO एक-दूसरे के ऐसे जरूरी मुद्दों और चिंताओं को मानने के लिए तैयार हुए हैं, जो शांति भंग कर सकती है और हिंसा भड़का सकते हैं. दोनों पक्षों ने आपसी हित और सीमा पर शांति बनाए रखने के इरादे से यह फैसला लिया है.

24-25 फरवरी की मध्यरात्रि से लागू हुआ सीजफायर

दोनों देश 24-25 फरवरी की मध्यरात्रि से नियंत्रण रेखा व सभी अन्य क्षेत्रों में संघर्ष विराम समझौतों, आपसी सहमतियों का सख्ती से पालन करने पर राजी हुए. संयुक्त बयान में कहा गया कि सीमाओं पर दोनों देशों के लिए लाभकारी और स्थायी शांति स्थापित करने के लिए डीजीएमओ ने उन अहम चिंताओं को दूर करने पर सहमति जताई, जिनसे शांति बाधित हो सकती है व हिंसा हो सकती है.
क्या बोला था भारत

तब विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा था कि भारत पाकिस्तान के साथ सामान्य संबंध चाहता है. उन्होंने यह भी कहा था-हमने हमेशा कहा है कि हम मुद्दों के समाधान के लिए समर्पित हैं. अगर कोई मुद्दा है तो उसे शांतिपूर्ण ढंग से द्विपक्षीय बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए. प्रमुख मुद्दों पर हमारी राय पहले की तरह ही बनी हुई है.

क्यों माना पाकिस्तान



हालांकि कहा जा रहा है कि पाकिस्तान यूं ही इस सीजफायर के लिए नहीं माना है. दरअसल बीते समय में भारत ने लगातार सीमा पर कठोर रुख अख्तियार किया है. एक तरफ भारत लगातार चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा पर डटा हुआ है तो वहीं पाकिस्तान के हर सीजफायर का जवाब देता रहा है. बीते सालों दो बार आतंकियों पर कार्रवाई के लिए भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक की है. खुद पाकिस्तान भी एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट से ब्लैक लिस्ट होने का खतरा झेल रहा है. आतंक के खिलाफ कार्रवाई न करने के आरोप उस पर हमेशा लगते रहे हैं. पाकिस्तान को 27 प्वाइंट एक्शन प्लान पर काम करना था. अगर पाक इसमें कामयाब हो जाता तो ग्रे-लिस्ट से बाहर आ सकता था लेकिन पाकिस्तान इसमें विफल रहा है. ऐसे में सीजफायर कर पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी संदेश देना चाहता है.
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