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भारत-पाकिस्तान के बीच अमन चाहते हैं दोनों मुल्कों के युवा, ये कैलेंडर दिखाता है प्यार

भारत-पाकिस्तान के बीच अमन चाहते हैं दोनों मुल्कों के युवा, ये कैलेंडर दिखाता है प्यार

भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते अब उस मोड़ पर आ चुके हैं जहां दोस्ती करना तो दूर दोस्ती के बारे में सोचना भी नामुमकिन सा लगता है।

भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते अब उस मोड़ पर आ चुके हैं जहां दोस्ती करना तो दूर दोस्ती के बारे में सोचना भी नामुमकिन सा लगता है।

भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते अब उस मोड़ पर आ चुके हैं जहां दोस्ती करना तो दूर दोस्ती के बारे में सोचना भी नामुमकिन सा लगता है।

नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते अब उस मोड़ पर आ चुके हैं जहां दोस्ती करना तो दूर दोस्ती के बारे में सोचना भी नामुमकिन सा लगता है। पिछले साल हुए आतंकवादी हमले और सर्जिकल स्ट्राइक के बाद दोनों मुल्कों के बीच अब बस एक रिश्ता दिखाई देता है और वो नफरत का रिश्ता, लेकिन दोनों ही मुल्कों की तरफ कुछ ऐसे लोग अब भी हैं जिन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी है। वो अब भी दो देशों के बीच प्यार और शांति चाहते हैं, अमन-चैन चाहते हैं, एक सुकून चाहते हैं, और ये लोग कोई और नहीं बल्कि दोनों देशों के युवा हैं।

दरअसल, दोनों देशों के युवाओं (स्कूल के बच्चों) ने 12 पन्नों का एक कैलेंडर बनाया है जिसमें दोनों देशों के बीच अमन और चैन दिखाया गया है। दो देशों के बीच मोहब्बत दिखाई गई है। इस कैलेंडर के हर पन्ने में बच्चों ने दोस्ती और प्यार का रंग भरा है। जो दिखाता है दो देशों के युवाओं के बीच अब भी प्यार बाकी है, एक उम्मीद बाकी है और इतना ही नहीं कैलेंडर के हर पन्ने पर एक मैसेज लिखा है जो दोनों मुल्कों के अच्छे रिश्तों कि उम्मीद दिखाता है। इस कैलेंडर के 6 पेज भारत के बच्चों के बनाए हुए हैं तो वहीं 6 पेज पाकिस्तान के बच्चों के बनाए हुए हैं। फिलहाल ये कैलेंडर पाकिस्तान में लॉन्च हो चुका और भारत में ये 14 जनवरी को लॉन्च होने वाला है। उसके बाद इस कैलेंडर को किर्गिस्तान और अमेरिका में भी जारी करने की योजना है।

इंडो-पाक की दोस्ती के लिए पिछले पांच सालों से काम कर रहे आगाज-ए-दोस्ती कैंपेन के आयोजक रवि नितेश का कहना है कि जब हम पाकिस्तान के लोगों से मिले तो हमें लगा कि ये तो वैसे ही हैं जैसे हम लोग हैं। उस वक्त हमें ये एहसास हुआ कि दोनों देशों के युवाओं में आपसी समझ की कमी है और फिर हमने दोनों मुल्कों की दोस्ती पर काम किया। आगाज-ए-दोस्ती पहला ऐसा कैंपेन है जो दोनों मुल्कों के बच्चों की वीडियो कॉनफ्रेंसिंग के जरिए बात करवाता है। दोनों मुल्कों के बच्चों को क्लासरूम से क्लासरूम तक जोड़ता हैं। अभी जब पेशावर और लाहौर का अटैक हुआ था उस वक्त भी यहां के बच्चों ने पाकिस्तान के बच्चों को खत लिखे थे, ग्रीटिंग कार्ड भेजे थे। हम जानते हैं ये मुश्किल है पर हमें करना है, वक्त लगेगा पर बदलाव आएगा।

वहीं आगाज-ए-दोस्ती कैंपेन से जुड़ीं पाकिस्तान की आलिया का कहना है कि लोगों के बीच नफरत को कम करने की बहुत जरूरत है। यहां भी दोनों तरह के लोग हैं कुछ लोग हैं जो अमन और चैन चाहते हैं कुछ लोग हैं जो इसे गलत मानते हैं। हम बस बच्चों से इतना की कहते हैं कि जो भी बच्चों के मन में भारत को लेकर ख्याल आते हैं वो उसकी पेंटिंग बनाएं और बच्चे वही बनाते हैं जो उनका दिल चाहता है। इस काम को करने में हमें मुश्किल होती है लोग समझते हैं हम गद्दारी का काम कर रहे हैं, भारत से दोस्ती नहीं होनी चाहिए भारत हमारा दुश्मन है। लेकिन जब हम इन मुश्किलों का सामने करेंगे तभी दोनों मुल्कों के बीच अमन कायम कर पाएंगे और एक दिन बदलाव जरूर आएगा।

calande







 

Tags: India, Pakistan

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