करतारपुर कॉरिडोर मामले में मनमानी पर अड़ा रहा पाक, नहीं हो सका समझौता

करतारपुर कॉरिडोर (Kartarpur Corridor) के इस्तेमाल को लेकर भारत और पाकिस्तान (Pakistan) के अधिकारियों के बीच अटारी-वाघा बॉर्डर (Attari Wagah Border) पर बुधवार को तीसरे दौर की बातचीत हुई लेकिन समझौते को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका.

News18Hindi
Updated: September 4, 2019, 7:05 PM IST
करतारपुर कॉरिडोर मामले में मनमानी पर अड़ा रहा पाक, नहीं हो सका समझौता
करतारपुर कॉरिडोर मामले में भारत-पाकिस्तान के बीच आपसी सहमति नहीं बन सकी है (फाइल फोटो)
News18Hindi
Updated: September 4, 2019, 7:05 PM IST
करतारपुर कॉरिडोर (Kartarpur Corridor) के इस्तेमाल को लेकर भारत और पाकिस्तान (Pakistan) के अधिकारियों के बीच अटारी-वाघा बॉर्डर (Attari Wagah Border) पर बुधवार को तीसरे दौर की बातचीत हुई. इस बातचीत के दौरान विशेष अवसरों पर भारत ने 10 हजार तीर्थयात्रियों (Pilgrimage) के लिए दर्शन की अनुमति का प्रस्ताव पाकिस्तान के सामने किया था लेकिन पाकिस्तान इसके लिए राजी नहीं हुआ है. उसने कहा है कि मात्र 5 हजार यात्रियों को ही हर दिन गुरुद्वारे जाने की अनुमति दी जाएगी. पाकिस्तान के अड़ियल रुख की वजह से समझौते को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है.

पाकिस्तान ने कहा है कि गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर (Gurdwara Darbar Sahib Kartarpur) में दर्शन के लिए अब वीजा की जरूरत नहीं है, भारतीय मूल के वे लोग भी जिनके पास OCI (Overseas Citizenship of India) कार्ड है, वे भी कॉरिडोर के रास्ते करतारपुर गुरुद्वारे में जा सकते हैं. पाकिस्तान इस पर राजी है कि गुरुद्वारा 365 दिन खुला रहेगा. उन्हें पैदल ही गुरुद्वारे तक जाना होगा.

करतारपुर कॉरिडोर समझौते को नहीं दिया जा सका आखिरी रूप
भारत-पाकिस्तान के बीच नवंबर, 2019 में पाकिस्तान के नरोवल जिले स्थित करतारपुर गुरुद्वारा साहिब और पंजाब के गुरुदासपुर जिले में डेरा बाबा नानक (Dera Baba Nanak) को जोड़ने के लिए सीधे गलियारे का ऐलान किया गया था. इसके बाद पाकिस्तान की ओर से इस गलियारे के निर्माण में खर्चे के बढ़ने की वजह से धीरे काम होने की ख़बरें आई थीं. हालांकि भारत की ओर से इसका निर्माण पूरा हो चुका था.

हालांकि भारतीय अधिकारी पाकिस्तान की प्रतिक्रिया से खुश नहीं हैं. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, भारत-पाकिस्तान की करतारपुर कॉरिडोर को लेकर तीसरी मीटिंग में शामिल रहे सूत्रों ने बताया है कि कुछ मुद्दों पर मतभेदों को देखते हुए समझौते को आखिरी रूप नहीं दिया जा सका है. पाकिस्तान ने जोर दिया है गुरुद्वारा करतारपुर साहिब जाने वाले तीर्थयात्रियों पर सर्विस फीस लगाने के मसले पर लगातार जोर दिया, इस मसले पर सहमत नहीं हुआ जा सकता है.

सूत्रों का दावा, पाक अधिकारी देना ही नहीं चाहते थे आखिरी रूप
सूत्रों ने यह भी बताया, पाकिस्तान ने गुरुद्वारा परिसर में इंडियन काउंसलर (Indian Counselor) या प्रोटोकॉल अफसर की उपस्थिति रहने का भी विरोध किया. पाकिस्तानी पक्ष से फिर से अपनी स्थिति के बारे में विचार करने को कहा गया है.
Loading...

सूत्रों ने यह भी बताया है कि पाकिस्तान के साथ 10000 श्रद्धालुओं को प्रतिदिन दर्शन की छूट देने को लेकर भी सहमति नहीं बन सकी है. ऐसा प्रावधान विशेष अवसरों के लिए किए जाने का अनुरोध किया गया था. सूत्रों ने शक जताया कि बातचीत के दौरान ऐसा लग रहा था, जैसे उन्होंने ब्रीफ किया गया हो कि समझौते को अंतिम रूप न दें. वे गंभीर मुद्दों के बजाए प्रोपेगेंडा को ज्यादा तवज्जो दे रहे थे.

यह भी पढ़ें: करतारपुर कॉरिडोरः श्रद्धालुओं की मदद के लिए कॉन्सुलेट की स्थापना चाहता है भारत

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 4, 2019, 6:28 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...