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Corona Vaccine: 45,000 रेफ्रिजरेटर से 240 वॉक इन कूलर तक, कोरोना वैक्सीन को लेकर सरकार का यह है प्लान

वैक्सीन के लिए सांकेतिक चित्र
वैक्सीन के लिए सांकेतिक चित्र

Corona vaccine storage: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Mohfw) के सचिव राजेश भूषण ने तैयारियों के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने राज्य संचालन समितियों और राज्य कार्य बल की बैठकें की हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 16, 2020, 8:53 AM IST
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नई दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय  (Mohfw) ने मंगलवार को कहा कि कोरोना वायरस के टीके (Coronavirus Vaccine) के भंडारण के लिए 29,000 ‘कोल्ड चेन’, 41,000 ‘डीप फ्रीजर’ और 300 ‘सोलर रेफ्रीजरेटर’ सहित अन्य उपकरणों का इस्तेमाल किया जाएगा. केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने ‘कोल्ड-चेन’ प्रबंधन के बारे में विवरण पेश किया. उन्होंने कहा कि बिजली और बिना बिजली वाले ‘कोल्ड चेन’ उपकरणों के आकलन आदि के संबंध में केंद्र द्वारा राज्यों को दिशानिर्देश जारी किए गए हैं.

भूषण ने कहा, 'कुल 29,000 ‘कोल्ड चेन’, 240 ‘वॉक-इन कूलर’, 70 ‘वॉक-इन फ्रीजर’, 45,000 ‘रेफ्रिजरेटर’, 41,000 ‘डीप फ्रीजर’ और 300 ‘सोलर रेफ्रिजरेटर’ इस्तेमाल किए जाएंगे.' उन्होंने बताया कि ये सभी उपकरण पहले ही राज्यों को वितरित किए जा चुके हैं. इसके साथ ही कुछ अन्य उपकरण भी राज्यों को दिए जा रहे हैं.

भूषण ने तैयारियों के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने राज्य संचालन समितियों और राज्य कार्य बल की बैठकें की हैं वहीं 633 जिलों ने इस संबंध में जिला कार्य बल की बैठकें की हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्यों में 23 मंत्रालयों और विभागों की पहचान की गई है और उन्हें टीकाकरण कार्यक्रम के लिए नियोजन, कार्यान्वयन, जागरूकता सहित विभिन्न भूमिकाएं सौंपी गयी हैं.



मंजूरी के लिए डीसीजीआई के और आंकड़े मांगने से टीका कार्यक्रम प्रभावित नहीं होगा : सरकार
इसके साथ ही केंद्र ने मंगलवार को कहा कि भारत बायोटेक, सीरम इंस्टीट्यूट और फाइजर के कोविड-19 टीकों के लिए आकस्मिक उपयोग मंजूरी की खातिर उनके आवेदनों पर गौर किया जा रहा है और दवा नियामक डीजीसीआई द्वारा इन कंपनियों से अधिक आंकड़ों की मांग करने से टीकाकरण समयसीमा पर असर नहीं पड़ेगा.

वी के पॉल ने कहा कि भारतीय औषधि महा नियंत्रक (डीजीसीआई) को दिए गए इन आवेदनों पर विशेषज्ञों की संबंधित समिति द्वारा गौर किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आवेदनों पर वैज्ञानिक आधार पर गौर किया जा रहा है तथा इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि टीका सुरक्षित हो, लोगों में कोविड​​-19 बीमारी की घटनाओं को कम करने के लिए पर्याप्त और प्रभावी हो. यह स्वतंत्र प्रक्रिया है और चल रही है.

पॉल ने कहा, ‘मैं यह रेखांकित करना चाहूंगा कि जब हम इन प्रक्रियाओं के बारे में बात करते हैं, तो यह कोई व्यक्तिगत या तीन लोगों से संबंधित नहीं है. ये ऐसे लोग हैं जो वैज्ञानिक, महामारी विज्ञान, चिकित्सक, जीवविज्ञानी... हैं. वे विज्ञान के आधार पर फैसला करते हैं.’ पत्रकारों ने उनसे डीजीसीआई द्वारा कंपनियों से जरूरी मंजूरी देने के लिए और आंकड़े मांगे जाने के संबंध में सवाल किया था. ()

सरकार ने कहा, कोविड-19 मामलों में आयी कमी : ढिलाई के प्रति चेताया
दूसरी ओर नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉक्टर वी. के. पॉल ने कहा कि ऐसे में जबकि पूरी दुनिया में, खास तौर से अमेरिका और यूरोप में, कोविड-19 के मामले और संक्रमण से होने वाली मौतें बढ़ रही हैं, दुनिया में स्थिति चिंताजनक हो गई है. इसके विपरीत भारत में हालात संतोषजनक हैं, संक्रमण के नए मामलों और उससे होने वाली मौतों की संख्या में कमी आ रही है.

किसी भी तरह की ढिलाई के प्रति आगाह करते हुए पॉल ने कहा, 'मृत्यु दर घट रही है और यह प्रति दिन 400 से कम रह गयी है. नये मामले भी घटकर एक दिन में करीब 22,000 रह गए हैं. ऐसी संख्या हमने जुलाई में देखी थी. इसलिए यह बेहतर स्थिति है. देश के रूप में हम बेहतर कर रहे हैं.' उन्होंने कहा, 'हम जीवन रक्षा कर रहे हैं. लेकिन याद रखें कि इसे हल्के में ना लें. देश की आबादी का एक बड़ा हिस्सा अभी भी संक्रमण के प्रति ‘अतिसंवेदनशील’ है. हालात कभी भी बिगड़ सकते हैं.'

पॉल ने कहा कि वैश्विक स्थिति को देखते हुए भारत में दूसरी या तीसरी लहर शुरू हो सकती है. हालांकि, ठोस अनुमान लगा पाना कठिन है.

महामारी को नियंत्रित करने के सभी प्रयास किए जा रहे  - सरकार
दिल्ली में हालात में सुधार होने की ओर ध्यान दिलाते हुए उन्होंने कहा, 'हम दिल्ली सरकार और अन्य सरकारों को भी बधाई देते हैं जिन्होंने हाल ही में महामारी को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.' हालांकि, पॉल ने उत्तराखंड, नगालैंड और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में कोविड-19 की स्थिति पर चिंता जताई और कहा कि स्थानीय सरकारों की मदद से महामारी को नियंत्रित करने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं.

केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि देश में कोविड-19 का पता लगाने के लिए अब तक 15.55 करोड़ से ज्यादा नमूनों की जांच की गई है. देश में लोगों के संक्रमित होने की औसत दर घटकर 6.37 रह गई है, वहीं रोजाना की संक्रमण दर पिछले सप्ताह घटकर मात्र 3 प्रतिशत रह गई. भूषण ने कहा, भारत में संक्रमण से होने वाली मौतों की दर भी दुनिया में सबसे कम है. वर्तमान में भारत में मृत्यु दर 1.45 प्रतिशत है जबकि इसकी वैश्विक दर 2.26 है.
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