सितंबर में आये COVID-19 के नये मामलों और मौतों के आंकड़े में भारत नंबर 1 पर रहा

सितंबर में आये COVID-19 के नये मामलों और मौतों के आंकड़े में भारत नंबर 1 पर रहा
सितंबर में कोरोना के सबसे ज्यादा मामले भारत में सामने आए हैं (सांकेतिक फोटो)

जबकि भारत में 15 दिन में 13,08,991 मामले सामने आए, संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) में 5,57,657 मामले दर्ज किए और ब्राजील (Brazil) जो इस सूची में तीसरे स्थान पर है, वहां 4,83,299 मामले दर्ज किए गए. इतना ही नहीं वायरस (Virus) के कारण हुई मौतों की सूची में भी भारत ही सबसे ऊपर है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 17, 2020, 3:02 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के खिलाफ अपनी लड़ाई में भारत के लिए सितंबर एक बुरा महीना साबित हो रहा है. जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी (Johns Hopkins University) के आंकड़ों के अनुसार, महीने के पहले पखवाड़े (Fortnight) में जिन लोगों को संक्रमण हुआ है उनकी संख्या कोरोना संक्रमण (Coronavirus Infection) से दूसरे सबसे ज्यादा प्रभावित देश अमेरिका (America) में सामने आए मामलों की संख्या के दोगुने से अधिक थी. इस तरह मामलों में रोज ही तेज वृद्धि होने से भारत में सितंबर में 11 दिनों के रिकॉर्ड समय में 10 लाख कोविड मामलों (Covid Cases) से ज्यादा मामले सामने आए.

जबकि भारत में 15 दिन में 13,08,991 मामले सामने आए, संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) में 5,57,657 मामले दर्ज किए और ब्राजील (Brazil) जो इस सूची में तीसरे स्थान पर है, वहां 4,83,299 मामले दर्ज किए गए. इतना ही नहीं वायरस (Virus) के कारण हुई मौतों की सूची में भी भारत ही सबसे ऊपर है. इस अवधि के दौरान. जबकि भारत में 15 दिन की अवधि में 16,307 लोगों की जान गई, जबकि अमेरिका (America) और ब्राजील ने क्रमशः 11,461 और 11,178 मौतें दर्ज कीं.





मृत्यु दर की सूची में शीर्ष 3 स्थानों पर मेक्सिको, कोलंबिया और पेरू का कब्जा
हालांकि, जब इस 15-दिन की अवधि के दौरान मृत्यु दर की बात आती है, तो भारत 1.25% की दर के साथ 8 वें स्थान पर है. सूची में शीर्ष तीन स्थानों पर मेक्सिको, कोलंबिया और पेरू का कब्जा है.

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संख्या में आंशिक वृद्धि कोविड-19 परीक्षण में हुई बढ़ोत्तरी के कारण हुई है. जो 15 सितंबर तक भारत में 5.8 करोड़ के रिकॉर्ड आंकड़े तक पहुंच गई थी. भारत को अपनी परीक्षण क्षमता (Testing Capacity) को 1 करोड़ से 2 करोड़ तक दोगुना करने में 27 दिन लगाए थे, लेकिन इसे केवल 10 दिन में 4 करोड़ परीक्षणों से 5 करोड़ परीक्षणों तक पहुंचा दिया गया.
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