वैक्सीनेशन रफ्तार हुई धीमी, अधिकारी बोले-वैक्सीन पर्याप्त, कोरोना के कारण निकल नहीं रहे लोग

वैक्सीनेशन की रफ्तार धीमी हुई. (फाइल फोटो)

वैक्सीनेशन की रफ्तार धीमी हुई. (फाइल फोटो)

जब कोरोना के नए मामले बढ़े तो वैक्सीनेशन (Covid Vaccination) की रफ्तार और तेज होनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. अधिकारियों का कहना है कि लोग घरों में निकलने में हिचकिचा रहे हैं.

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(अमन शर्मा)

नई दिल्ली. अप्रैल महीने के शुरुआती सप्ताह में भारत में रिकॉर्ड वैक्सीनेशन (Record Covid Vaccination) हुआ था. 3 से 9 अप्रैल के बीच एक हफ्ते में पूरे देश में 2.48 करोड़ डोज लगाए गए थे. लेकिन ठीक इसी सप्ताह के बाद देश में तेजी से कोरोना के नए मामले बढ़ने शुरू हुए. जब कोरोना के नए मामले बढ़े तो वैक्सीनेशन की रफ्तार और तेज होनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. कहा जा रहा है कि इसके पीछे एक कारण कई राज्यों में कोरोना को लेकर लगाए गए प्रतिबंध भी हैं.

केंद्र सरकार ने इसे लेकर चिंता जाहिर की थी. 23 अप्रैल को 11 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में पीएम मोदी ने कहा था कि वैक्सीनेशन कार्यक्रम धीमा नहीं पड़ना चाहिए. लेकिन हुआ इसका उल्टा. उदाहरण के तौर पर देखें तो 10-16 अप्रैल के बीच 2.06 करोड़ वैक्सीन डोज लगाए गए, 17-23 अप्रैल के बीच 1.7 करोड़ वैक्सीन डोज लगाए गए और 24-30 अप्रैल के बीच 1.48 करोड़ डोज ही लगे. आखिरी उपलब्ध आंकड़ों की तुलना करें तो वैक्सीनेशन की रफ्तार में करीब 40 प्रतिशत की कमी आई.

इस हफ्ते और कम हुई रफ्तार
1 मई से सभी वयस्कों के लिए वैक्सीनेशन कार्यक्रम की शुरुआत की गई है. शुरुआती तीन दिनों में देश में महज 35 लाख वैक्सीनेशन किया गया है. वहीं मंगलवार को 15 लाख से कुछ ज्यादा वैक्सीनेशन हुआ है. इसका मतलब बीते 4 दिन में सिर्फ 50 लाख वैक्सीन डोज दिए गए. इसका मतलब है कि 1-7 मई के सप्ताह में वैक्सीनेशन की संख्या और कम हो सकती है.

क्या कहते हैं अधिकारी

इस संबध में न्यूज़18 ने केंद्र सरकार के दो अधिकारियों से बातचीत की. दोनों ही अधिकारियों ने वैक्सीन की कमी की बात नकार दी. उन्होंने कहा कि कई राज्यों में कोरोना संबंधी प्रतिबंधों की वजह से वैक्सीनेशन की रफ्तार में कमी आई है. अधिकारियों का कहना है कि लोग घरों में निकलने में हिचकिचा रहे हैं.



गौरतलब है कि बीते दिनों में केंद्र और राज्यों के बीच वैक्सीन की कमी को लेकर अच्छी-खासी बहस हो चुकी है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने एक चिट्ठी लिखकर वैक्सीन की कमी पर जवाब दिया था.
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