• Home
  • »
  • News
  • »
  • nation
  • »
  • INDIA REITERATE ALL SOLDIERS FROM BOTH SIDE SHOULD RETURN FROM FRICTION POINTS

भारत की चीन को दो-टूक, तनाव कम करने के लिए LAC से सेनाओं की वापसी जरूरी

दोनों पक्षों के बीच कमांडर स्तर की 11वें दौर की वार्ता गत नौ अप्रैल को हुई थी. (सांकेतिक तस्वीर)

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची (Arindam Bagchi) ने एक संवाददाता सम्मेलन में सैन्य और राजनयिक वार्ता के पिछले चरणों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों पक्ष मौजूदा समझौतों और प्रोटोकॉल के अनुरूप लंबित मुद्दों का त्वरित समाधान करने की आवश्यकता पर सहमत हैं.

  • Share this:
    नई दिल्ली. भारत ने एक बार फिर कहा है कि वो वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर शांति का पक्षधर है. भारत ने भारतीय-चीनी सैनिकों के बीच तनाव कम करने का मार्ग प्रशस्त करने और सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति एवं स्थिरता की पूर्ण बहाली सुनिश्चित करने के लिए पूर्वी लद्दाख (Eastern Ladakh) में टकराव के शेष बिन्दुओं से सैनिकों की पूर्ण वापसी की प्रक्रिया को पूरा करने का बृहस्पतिवार को एक बार फिर आह्वान किया.

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने एक संवाददाता सम्मेलन में सैन्य और राजनयिक वार्ता के पिछले चरणों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों पक्ष मौजूदा समझौतों और प्रोटोकॉल के अनुरूप लंबित मुद्दों का त्वरित समाधान करने की आवश्यकता पर सहमत हैं.

    सैनिकों की पूर्ण वापसी दोनों पक्षों के बलों के बीच तनाव कम करने का मार्ग प्रशस्त करेगी
    उन्होंने कहा, ‘हमने बार-बार जोर देकर कहा है कि अन्य क्षेत्रों से सैनिकों की पूर्ण वापसी दोनों पक्षों के बलों के बीच तनाव कम करने का मार्ग प्रशस्त करेगी तथा शांति एवं स्थिरता की पूर्ण बहाली सुनिश्चित करेगी और द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति को संभव बनाएगी.’ बागची सीमा गतिरोध पर दोनों पक्षों के बीच बातचीत के स्तर से जुड़े एक सवाल का जवाब दे रहे थे.

    11वें दौर की वार्ता गत नौ अप्रैल को हुई थी
    दोनों पक्षों के बीच कमांडर स्तर की 11वें दौर की वार्ता गत नौ अप्रैल को हुई थी, जबकि कार्यकारी सलाह एवं समन्वय तंत्र (डब्ल्यूएमसीसी) के ढांचे के तहत राजनयिक स्तर की पिछले दौर की वार्ता गत 12 मार्च को हुई थी. बागची ने कहा, ‘इन बैठकों के दौरान दोनों पक्ष मौजूदा समझौतों और प्रोटोकॉल के अनुरूप लंबित मुद्दों का त्वरित समाधान करने की आवश्यकता पर सहमत हुए.’