कश्मीर मुद्दे पर भारत ने पाकिस्तान की UNHRC जांच की मांग ठुकराई

विदेश मंत्रालय के प्रथम सचिव विमर्श आर्यन ने कहा, ‘ UNHRC का राजनीतिकरण और ध्रुवीकरण करने के इरादे से पाकिस्तान की ओर से दिए गलत आख्यान और बौखलाहट भरे बयान पर आश्चर्यचिकत नहीं हैं.

भाषा
Updated: September 13, 2019, 12:34 PM IST
कश्मीर मुद्दे पर भारत ने पाकिस्तान की UNHRC जांच की मांग ठुकराई
भारत ने पाकिस्तान को आईना दिखाते हुए कहा कि अनुच्छेद 370 भारतीय संविधान का एक अस्थायी प्रावधान था.
भाषा
Updated: September 13, 2019, 12:34 PM IST
जिनेवा. यूएनएचआरसी (UNHRC) में भारत (India)  ने पाकिस्तान (Pakistan) को आईना दिखाते हुए कहा कि अनुच्छेद 370 (Article 370) भारतीय संविधान का एक अस्थायी प्रावधान था, इसमें बदलाव करना पूरी तरह भारत का आतंरिक मामला और अधिकार है. भारत ने पाकिस्तान (Pakistan) के बौखलाहट में दिए बयान और कश्मीर मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) की जांच की उसकी मांग को सिरे से खारिज कर दिया.

यूनएचआरसी के 42वें सत्र में पाकिस्तान (Pakistan) के विदेश मंत्री महमूद कुरैशी (Mehmood Kureshi) के बयान पर जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए विदेश मंत्रालय में प्रथम सचिव विमर्श आर्यन ने कहा, ‘ हम इस मंच (UNHRC) का राजनीतिकरण और ध्रुवीकरण करने के इरादे से पाकिस्तान की ओर से दिए गलत आख्यान और बौखलाहट भरे बयान पर आश्चर्यचिकत नहीं हैं. हमारे फैसले से पाकिस्तान को एहसास है कि सीमा पार आतंकवाद प्रयोजित कर बाधा उत्पन करने की कोशिशों में उसके पैरों तले से जमीन खिसक गई है.’

विदेश मंत्रालय में प्रथम सचिव विमर्श आर्यन
विदेश मंत्रालय में प्रथम सचिव विमर्श आर्यन


इमरान के भड़काऊ बयान पर दिया जवाब

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के भारत विरोधी भड़काऊ बयान पर आर्यन ने कहा, ‘ कुछ पाकिस्तानी नेता इस हद तक चले गए कि जम्मू-कश्मीर में हिंसा को बढ़ावा देने के लिए जिहाद का आह्वान किया.’ जम्मू-कश्मीर निवासी भारतीय राजनयिक ने पाकिस्तान से कहा कि कश्मीर के लोग लोकतंत्र के मूल मूल्यों को संरक्षित करने के लिए एकजुट हैं और जम्मू-कश्मीर पर पाकिस्तान को कुछ भी बोलने का अधिकार नहीं है.

पाकिस्तान की सच्चाई जानती है पूरी दुनिया
विमर्श आर्यन ने कहा कि यूएनएचआरसी मंच पर पाकिस्तान ने मानव अधिकार पर विश्व की आवाज की तरह खुद को पेश किया, लेकिन वह दुनिया को मूर्ख नहीं बना सकता. पाकिस्तान का इतिहास सच्चाई बता रहा है. इस हथकंडे से पाकिस्तान धार्मिक समूहों और जातीय अल्पसंख्यकों जैसे ईसाई,हिंदू, सिख, शिया, अहमदिया के उत्पीड़न से अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान नहीं भटका सकता.

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First published: September 13, 2019, 12:34 PM IST
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