भारत की ‘फेलूदा’ कोविड-19 जांच RT-PCR की तुलना में सस्ती एवं तेज : वैज्ञानिक

फेलूदा जांच किट से कोविड जांच आरटीपीसीआर की तुलना में सस्ती है (सांकेतिक फोटो)
फेलूदा जांच किट से कोविड जांच आरटीपीसीआर की तुलना में सस्ती है (सांकेतिक फोटो)

भारतीय औषधि महानियंत्रक (DCGI) ने इसकी व्यावसायिक शुरुआत को मंजूरी दे दी है. सीएसआईआर-आईजीआईबी (CSIR-IGIB) के वरिष्ठ वैज्ञानिक (Senior Scientist) और परीक्षण विकसित करने वाली टीम में शामिल देबोज्योति चक्रवर्ती ने बताया कि यह गर्भावस्था परीक्षण (pregnancy test) की तरह ही है.

  • भाषा
  • Last Updated: September 29, 2020, 4:28 PM IST
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नई दिल्ली. वैज्ञानिकों (Scientists) ने दावा किया है कि भारत की सीआरआईएसपीआर 'फेलूदा' कोविड-19 जांच (CRISPR Feluda COVID-19 Testing) आरटी-पीसीआर (RT-PCR) की तुलना में सस्ती, त्वरित और आसान (Cheap, Quick and Easy) है. ‘फेलूदा’ का नाम सत्यजीत रे (Satyajit Ray) के मशहूर जासूस पात्र (Famous Detective Character) के नाम पर रखा गया है. इस परीक्षण की कीमत 500 रुपये है और 45 मिनट में इसके परिणाम आ सकते हैं. सीआरआईएसपीआर (क्लस्टर्ड रेगुलरली इन्टरस्पेस्ड शॉर्ट पालिंड्रोमिक रिपीट्स- CRISPR) ‘फेलूदा’ जांच को नई दिल्ली स्थित सीएसआईआर-जिनोमिकी और समवेत जीव विज्ञान संस्थान (IGIB) तथा टाटा समूह (Tata Group) ने विकसित किया है.

भारतीय औषधि महानियंत्रक (DCGI) ने इसकी व्यावसायिक शुरुआत को मंजूरी दे दी है. सीएसआईआर-आईजीआईबी (CSIR-IGIB) के वरिष्ठ वैज्ञानिक (Senior Scientist) और परीक्षण विकसित करने वाली टीम (Test development team) में शामिल देबोज्योति चक्रवर्ती ने बताया कि यह गर्भावस्था परीक्षण (pregnancy test) की तरह ही है और इसके लिए किसी महंगी मशीन (Expensive machine) की जरूरत नहीं है.

RTPCR जांच से सस्ती है फेलूदा जांच, रिजल्ट आने में लगता है 45 मिनट का समय
भारत में अभी कोविड-19 के 61 लाख से अधिक मामले सामने आ चुके हैं. विषाणु विज्ञान विशेषज्ञ उपासना रे ने कहा कि यह कोविड जांच आरटीपीसीआर की तुलना में सस्ती है. आरटीपीसीआर में 1600 रुपये से अधिक का खर्च आता है.
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रे ने कहा कि ‘रैपिड एंटीजन’ जांच की रिपोर्ट 30 मिनट में आ जाती है और ‘फेलूदा’ जांच में थोड़ा अधिक यानी 45 मिनट का समय लगता है लेकिन यह अधिक सटीक और विशिष्ट है.
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