'आधार से सरकार को 9 अरब डॉलर की बचत'

भाषा
Updated: October 13, 2017, 8:16 PM IST
'आधार से सरकार को 9 अरब डॉलर की बचत'
हमारे देश में ऐसे 50 करोड़ लोग हैं जिन्होंने अपनी पहचान को सीधे बैंक खातों से जोड़ा है.
भाषा
Updated: October 13, 2017, 8:16 PM IST
आधार कार्ड योजना से लाभार्थी सूची में धोखाधड़ी खत्म करने में मदद मिली और इससे सरकारी खजाने में 9 अरब डॉलर की बचत हुयी है. आधार के सूत्रधार नंदन नीलेकणि ने यह बात कही. आधार कार्ड योजना से एक अरब से ज्यादा लोग जुड़े हैं.

देश की दूसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर सेवा प्रदाता कंपनी इंफोसिस के गैर-कार्यकारी चेयरमैन नंदन नीलेकणि ने कहा, "इस प्रणाली को संप्रग सरकार ने "उत्साहपूर्वक" शुरू किया था. बाद में नरेंद्र मोदी सरकार ने इसका समर्थन किया. आधार प्रणाली पर अब एक अरब से ज्यादा लोग पंजीकृत है.

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक की सालाना बैठक से इतर एक कार्यक्रम में नीलेकणि ने कहा, "आधार में अनूठी संख्या है, जिसकी वजह से लाभार्थियों और कर्मचारी सूची से नकली लाभार्थियों को खत्म किया गया है. इससे सरकार को 9 अरब डॉलर की बचत हुयी है."

उन्होंने कहा कि हमारे देश में ऐसे 50 करोड़ लोग हैं जिन्होंने अपनी पहचान को सीधे बैंक खातों से जोड़ा है. दुनिया की सबसे बड़े नकदी हस्तांतरण प्रणाली में सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक रूप से 12 अरब डॉलर बैंक खातों में हस्तांतरित किए. आधार से इसी तरह की और भी कई चीजें जुड़ी हैं.

यूआईडीएआई के पूर्व चेयरमैन ने कहा, "मेरा मानना है कि अगर आप सही डिजिटल ढांचा विकसित कर रहे हैं तो आपको ज्यादा लंबी छलांग लगानी होता है. डेटा अर्थव्यवस्था की दुनिया में, पहचान प्रमाणन, कठोर भुगतान, कागज रहित लेनदेन ये सभी नए डिजिटल अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तर हैं. यही भारत ने भी किया है.

पूरे विश्व में भारत अकेला ऐसा देश है, जहां एक अरब लोग इस बुनियादी ढांचे का इस्तेमाल करके अपने मोबाइल फोन से कागज रहित, कैशलेस लेन-देन कर सकते हैं जो नाटकीय रूप से लागत में कमी लाता है.

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First published: October 13, 2017
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