लाइव टीवी

भारत ने संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में कहा, पाकिस्तान 'शैतानी इरादे' रखता है

News18Hindi
Updated: January 10, 2020, 6:15 PM IST
भारत ने संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में कहा, पाकिस्तान 'शैतानी इरादे' रखता है
संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में भारत और पाकिस्‍तान एक बार फिर आमने-सामने आए.

संयुक्त राष्ट्र (UN) में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन (Syed Akbaruddin) ने 'अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा और संयुक्त राष्ट्र चार्टर को बरकरार रखने' पर हुई खुली चर्चा (Open Discussion) के दौरान पाकिस्‍तान (Pakistan) पर हमला करते हुए कहा कि आपके झूठ और दुष्‍पव्रचार को मानने वाला यहां कोई नहीं है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 10, 2020, 6:15 PM IST
  • Share this:
संयुक्त राष्ट्र. भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाने पर पाकिस्तान (Pakistan) को करारा जवाब दिया. भारत ने कहा कि इस्लामाबाद (Islamabad) 'शैतानी इरादे' रखता है, लेकिन उसकी बातों से कोई प्रभावित नहीं होता है. संयुक्त राष्ट्र (UN) में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन (Syed Akbaruddin) ने बृहस्पतिवार को कहा, 'शैतानी इरादे रखने वाले एक प्रतिनिधिमंडल ने फिर झूठ फैलाकर अपनी असलियत दिखा दी है. इसे हम सिरे से खारिज करते हैं.'

अकबरुद्दीन ने कहा - मेरे पड़ोसी अपना रोग ठीक करिए
अकबरुद्दीन ने कहा, 'पाकिस्तान को मेरा आसान सा जवाब है कि भले ही देर हो गई हो, लेकिन मेरे पड़ोसी अपना रोग ठीक करिए. आपके झूठ और दुष्प्रचार को यहां कोई मानने वाला नहीं है.' उन्होंने 'अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा और संयुक्त राष्ट्र चार्टर को बरकरार रखने' के विषय पर खुली चर्चा (Open Discussion) के दौरान ये बातें कहीं. अकबरुद्दीन की यह तीखी प्रतिक्रिया संयुक्त राष्ट्र (UN) में पाकिस्तान के राजदूत मुनीर अकरम (Munir Akram) की ओर से परिषद में जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) का मुद्दा उठाए जाने के जवाब में आई.

मुनीर अकरम ने एंटोनियो गुटेरस से की कार्रवाई की अपील



पाकिस्तानी राजदूत ने अनुच्छेद-370 (Article 370) के प्रावधानों को रद्द करने, कश्मीर में संचार माध्यमों पर पाबंदी का मुद्दा उठाने के साथ ही विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान (Wing Commander Abhinandan Varthaman) का भी जिक्र किया. विंग कमांडर अभिनंदन को फरवरी, 2019 में भारत और पाकिस्तान के बीच हवाई संघर्ष (Dog Fight) के बाद पकड़ लिया गया था. हालांकि, पाकिस्‍तान को उन्‍हें तीसरे ही दिन भारत को सौंपाना पड़ा था. अकरम ने सुरक्षा परिषद के साथ ही महासचिव एंटोनियो गुटेरस (Antonio Guterres) से भारत और पाकिस्तान को विनाशकारी युद्ध की ओर से बढ़ने से रोकने के लिए निर्णायक कार्रवाई करने की अपील की.

अकबरुद्दीन ने परिषद की खामियों की ओर किया इशारा
पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा वापस लेने और इसे दो केंद्रशासित प्रदेशों (Union Territories) में बांटने के लिए भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने की कोशिशें करता रहा है. भारत के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान ने नई दिल्ली के साथ अपने कूटनीतिक संबंधों को घटा लिया था और भारत के उच्चायुक्त (High Commissioner) को निष्काषित कर दिया था. परिषद को दिए अपने बयान में अकबरुद्दीन ने कहा, '15 राष्ट्रों की सुरक्षा परिषद पहचान और वैधता के साथ-साथ प्रासंगिकता व प्रदर्शन के संकट का भी सामना कर रही है.' उन्होंने कहा, 'दुनिया भर में आतंकी नेटवर्क (Terror Network) का फैलना, नई तकनीक को हथियार बनाया जाना, विध्वंसकारी शासन चाहने वालों से निपटने की अक्षमता परिषद की खामियां दिखा रही हैं.'

'अंतरराष्‍ट्रीय चुनौतियां निपटने के लिए बनीं प्रणालियों से आगे'
अकबरुद्दीन ने ध्यान दिलाया कि लगातार बदलती दुनिया में अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा की चुनौतियां उनसे निपटने के लिए बनीं प्रणालियों से एक कदम आगे हैं. उन्होंने कहा, 'स्पष्ट है कि दुनिया जल रही है. उपलब्ध तंत्र का महत्व घटाए बिना निष्पक्ष मूल्यांकन करने के लिए हमें खुद से सवाल पूछने की जरूरत है कि क्या वे चार्टर के मौलिक सिद्धांतों को लागू करने के लिए अब भी फिट हैं?' उन्होंने वैश्विक शांति व सुरक्षा के लिए जारी और भविष्‍य के खतरों से निपटने के लिए परिषद को राजनीतिक व्यवस्था का हिस्सा बनने की जरूरत को रेखांकित किया. उन्‍होंने कहा कि परिषद को वर्तमान वैश्विक वास्तविकताएं दिखानी चाहिए और मकसद पर खरा उतरना चाहिए.

ये भी पढ़ें:

बोइंग कर्मियों की ईमेल आईं सामने, कहा- 737 मैक्‍स को जोकरों ने किया है डिजाइन

J&K; इंटरनेट अभिव्यक्ति की आजादी के समान, पढ़ें SC के फैसले की 5 बड़ी बातें

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 10, 2020, 6:15 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर