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नेपाल के नए नक्शे पर भारत की दो टूक, 'मनमाफिक सीमाएं बढ़ाना स्वीकार नहीं करेंगे'

News18Hindi
Updated: May 20, 2020, 9:41 PM IST
नेपाल के नए नक्शे पर भारत की दो टूक, 'मनमाफिक सीमाएं बढ़ाना स्वीकार नहीं करेंगे'
नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली

नेपाल (Nepal) के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (PM KP Sharma Oli) ने कहा था कि ये इलाका हमारे देश का है और उन्होंने इसे राजनीतिक और कूटनीतिक प्रयासों के माध्यम से भारत से फिर से वापस लेने की कसम खाई है.

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नई दिल्ली. नेपाल सरकार (Nepal Government) ने बुधवार को संशोधित राजनीतिक और प्रशासनिक नक्सा जारी किया. इस नक्शे में उसने लिंपियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी को अपना क्षेत्र बताया है. भारत ने नेपाल के इस दावे को खारिज किया है. भारत के विदेश मंत्रालय (India's Ministry of Foreign Affairs) के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि जारी किया गया संशोधित नक्शा एकपक्षीय है और ये ऐतिहासिक तथ्यों और साक्ष्यों पर आधारित नहीं है.

इस कृत्य से एक दिन पहले नेपाल (Nepal) के प्रधानमंत्री केपी शर्मा (KP Sharma Oli) ओली ने कहा था कि ये इलाका हमारे देश का है और उन्होंने इसे राजनीतिक और कूटनीतिक प्रयासों के माध्यम से भारत से फिर से वापस लेने की कसम खाई है. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेपास के भूमि सुधार मंत्री पद्मा आर्यल ने इस नए नक्शे को पेश किया, जिसे नेपाली संसद में स्वीकार कर लिया गया है.

भारत ने कहा ये तथ्य और साक्ष्य पर आधारित नहीं
भारत ने नेपाल के इस रुख पर सख्ती से कहा कि नया नक्शा जारी करना एकतरफा कृत्य है और यह ऐतिहासिक तथ्य और साक्ष्यों पर आधारित नहीं है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि नेपाल इस मामले पर भारत की सुसंगत स्थिति से अच्छी तरह परिचित है और हम नेपाल सरकार से इस तरह के अनुचित कार्टोग्राफिक दावे से परहेज करने और भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने का आग्रह करते हैं. उन्होंने कहा हमें उम्मीद है कि नेपाली नेतृत्व शेष सीमा मुद्दों को हल करने के लिए राजनयिक बातचीत के लिए सकारात्मक माहौल बनाएगा.



ओली ने लगाया था ये आरोप


मंगलवार को संसद को संबोधित करते हुए ओली ने कहा था कि ये क्षेत्र नेपाल के हैं, लेकिन भारत ने अपनी सेना को वहां रखकर विवादित क्षेत्र बना दिया है. ओली ने कहा कि भारत की सेना के तैनात होने के बाद नेपालियों को वहां जाने से रोक दिया गया था.

ओली की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा को नेपाल के क्षेत्रों के रूप में शामिल करने के नए नक्शे का समर्थन किया गया.

आर्यल ने कहा कि नए नक्शे को संविधान और राज्य चिन्ह में अद्यतन किया गया है और इसे सरकारी कार्यालयों में रखा जाएगा, इसे आवश्यक संविधान संशोधन के लिए संसद में पेश किया जाएगा.

संसद में पेश किया गया है प्रस्ताव
नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप कुमार ग्यावली ने कहा कि कूटनीतिक पहल के माध्यम से भारत के साथ सीमा मुद्दे को हल करने के लिए प्रयास किए जा रहे थे.

नेपाल की सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के सांसदों ने भी कालापानी, लिंपियाधुरा और लिपुलेख से नेपाल की वापसी की मांग करते हुए संसद में एक विशेष प्रस्ताव पेश किया है.

नेपाल सरकार करेगी बातचीत
आर्यल ने कहा कि नेपाल सरकार इस मामले पर भारत के साथ बातचीत करेगी और इस मुद्दे को राजनयिक प्रयासों से हल किया जाएगा. उन्होंने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि (भारत) इस मामले पर सकारात्मक तरीके से विचार करेगा.

अधिकारियों ने कहा कि नए नक्शे में नेपाली क्षेत्र में लिंपियाधुरा सहित 335 किलोमीटर भूमि क्षेत्र शामिल है, सर्वेक्षण विभाग में तकनीशियनों को जोड़कर सटीक पैमाने, मंसूबे और समन्वय प्रणाली के साथ नक्शा तैयार किया.

नेपाल और भारत के बीच विवादित सीमा क्षेत्र कालापानी के पास लिपुलेख दर्रा एक पश्चिमी बिंदु है. भारत और नेपाल दोनों कालापानी को अपने क्षेत्र का एक अभिन्न हिस्सा मानते हैं - भारत उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के रूप में और नेपाल धारचूला जिले के हिस्से के रूप में.

भारतीय राजदूत को किया गया था तलब
ग्यावली ने पिछले हफ्ते भारतीय राजदूत विनय मोहन क्वात्रा को तलब किया और उत्तराखंड के धारचूला से लिपुलेख पास को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण सड़क के निर्माण के विरोध में एक राजनयिक नोट उन्हें सौंपा.

भारत ने कहा है कि हाल ही में उत्तराखंड में पिथौरागढ़ जिले में जिस सड़क खंड का उद्घाटन किया गया वह पूरी तरह से भारत के क्षेत्र में स्थित है.

श्रीवास्तव ने 9 मई को कहा था, "उत्तराखंड राज्य में पिथौरागढ़ जिले में हाल ही में जिस सड़क खंड रा उद्घाटन किया गया था वह पूरी तरह से भारत के क्षेत्र में स्थित है. यह सड़क पहले से मौजूद मार्ग का अनुसरण करती है जिसे कैलाश मानसरोवर यात्रा करने वाले श्रद्धालु इस्तेमाल करते हैं."

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First published: May 20, 2020, 9:00 PM IST
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