भारत में हर दिन दर्ज हुए 88 रेप के मामले, आंकड़ों में पहले नंबर पर यूपी

साल 2019 में देश में बलात्कार के कुल 32,033 मामले दर्ज किए गए.
साल 2019 में देश में बलात्कार के कुल 32,033 मामले दर्ज किए गए.

Crime Against Women in India: नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की ओर से जारी किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत में 2019 में हर दिन बलात्कार के 88 मामले दर्ज किए गए. साल 2019 में देश में बलात्कार के कुल 32,033 मामले दर्ज किए गए हैं. महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों का ये महज 10 फीसदी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 7, 2020, 10:38 PM IST
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नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में पिछले दिनों एक दलित महिला के साथ हुए गैंगरेप (Hathras Gangrape case) ने एक बार फिर देश में महिला सुरक्षा (Women Safety) के दावों की पोल खोल दी है. हाथरस में 19 वर्षीय दलित लड़की के साथ कथित तौर पर सवर्ण समुदाय के चार लोगों ने सामूहिक बलात्कार किया था ​और उसे शारीरिक रूप से बुरी तरह प्रताड़ित किया था. इसके 15 दिन बाद पीड़िता ने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया. इस घटना ने व्यापक आक्रोश पैदा किया और इस बात पर ध्यान केंद्रित किया कि हमारे देश में महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा कितनी व्यापक है.

सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने मंगलवार को कथित गैंगरेप की सीबीआई और एसआईटी द्वारा जांच की याचिका पर सुनवाई करते हुए इस घटना को भयानक और चौंकाने वाला करार दिया है. हालांकि, यह कोई पहली घटना नहीं है, जिसने देश को इस तरह के झकझोंर कर रख दिया है. इससे पहले निर्भया रेप केस (2012), उन्नाव रेप केस (2017), कठुआ रेप केस (2018) और हैदराबाद रेप कम मर्डर केस (2019) जैसे कई घटनाओं ने देश में महिलाओं के खिलाफ यौन अपराधों की गंभीर सच्चाई सामने लाई है. 2018 में थॉमस रॉयटर्स फाउंडेशन के एक सर्वेक्षण ने भारत को महिलाओं के लिए सबसे खतरनाक देश का दर्जा दिया है.

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की ओर से जारी किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत में 2019 में हर दिन बलात्कार के 88 मामले दर्ज किए गए. साल 2019 में देश में बलात्कार के कुल 32,033 मामले दर्ज किए गए हैं. महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों का ये महज 10 फीसदी है. विशेषज्ञों का कहना है कि तस्वीर और भी बदतर हो सकती है क्योंकि ज्यादातर मामलों में आधिकारिक शिकायत दर्ज ही नहीं होती है.




सबसे ज्यादा यूपी में दर्ज होते हैं मामले
NCRB के आंकड़ों से पता चलता है कि 2019 में उत्तर प्रदेश में 59,853 मामलों के साथ महिलाओं के खिलाफ अपराधों में राज्यों में सबसे ऊपर है. इसके बाद राजस्थान में 41,550 और महाराष्ट्र क्रमश 37,144 मामले दर्ज किए गए हैं. आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले 10 वर्षों में महिलाओं के बलात्कार का खतरा 44 फीसदी तक बढ़ गया है. संस्था के आंकड़ों के मुताबिक, 2010 से 2019 के बीच पूरे भारत में कुल 3,13,289 बलात्कार के मामले दर्ज हुए हैं.

2012 में हुआ था निर्भया केस
दिल्ली में 2012 में निर्भया के साथ बेहद क्रूरतापूर्ण ढंग से सामूहिक बलात्कार और हत्या की घटना हुई थी जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया था. इस घटना के बाद क्रिमिनल लॉ में संशोधन करते हुए बलात्कार और यौन हिंसा के मामले में कड़ी सजा का प्रावधान किया गया. इसी क्रम में प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्शुअल ऑफेंसेज (POCSO) अधिनियम में भी संशोधन करके 12 साल तक के छोटे बच्चों के बलात्कार के मामले में मौत की सजा का प्रावधान किया गया.
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