लद्दाख में चीन को टक्‍कर देने के लिए भारत पैंगोंग लेक में तैनात करेगा शक्तिशाली नौकाएं

लद्दाख में चीन को टक्‍कर देने के लिए भारत पैंगोंग लेक में तैनात करेगा शक्तिशाली नौकाएं
पैंगोंग लेक में भारत करेगा तैनाती.

India China Face off: भारतीय नौसेना (Indian Navy) ने सी-17 विमानों से इन स्‍टील की नौकाओं को प्राथमिकता के आधार पर लेह में भेजने के लिए कहा है.

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नई दिल्‍ली. लद्दाख (Ladakh) में चीन (China) के साथ चल रहे तनाव के बीच भारत (India) ने बड़ा कदम उठाया है. लद्दाख की पैंगोंग लेक (Pangong Tso) पर गश्‍त बढ़ाने और चीन की गश्‍ती नौकाओं को टक्‍कर देने के लिए भारत वहां बेहद शक्तिशाली नौकाएं (high powered boats) तैनात करने जा रहा है. इन नौकाओं में सर्विलांस से संबंधित उपकरण और तकनीक भी मौजूद होगी. बता दें कि पैंगोंग लेक (Pangong Lake) में चीन की लेक आर्मी टुकड़ी की टाइप 928बी नौकाएं तैनात हैं. ऐसे में भारत के इस कदम से चीन को कड़ी टक्‍कर मिलेगी.

लद्दाख में स्थित पैंगोंग लेक में भी चीन और भारत के बीच तनाव बरकरार है. पैंगोंग लेक में स्‍टील की यह शक्तिशाली नौकाएं तैनात करने करने का फैसला सेनाओं ने लिया है. भारतीय नौसेना ने सी-17 विमानों से इन स्‍टील की नौकाओं को प्राथमिकता के आधार पर लेह में भेजने के लिए कहा है. हालांकि विमान द्वारा इन बड़ी नौकाओं को भेजने में कुछ लॉजिस्टिकल परेशानी है, जिन्‍हें जल्‍द ही दूर कर लिया जाएगा. भारतीय नौसेना को किसी भी अप्रिय गतिविधि को रोकने के लिए अंडमान सागर से फारस की खाड़ी तक जहाजों की आवाजाही की निगरानी करने वाले अपने नौसैनिक बेड़े के साथ पूर्वी और पश्चिमी सीबोर्ड पर तैनात किया गया है.

भारत और चीन की सेनाओं के बीच मंगलवार को करीब 10 घंटे तक कोर कमांडर स्तर की बातचीत हुई जिसके केंद्र में पूर्वी लद्दाख के टकराव वाले क्षेत्रों से सैनिकों को पीछे करने के तौर-तरीकों को अंतिम रूप देना था. सरकारी सूत्रों के अनुसार बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने इलाके में चीन के नये दावे पर चिंता जताई है और पुरानी स्थिति बहाल करने और तत्काल चीनी सैनिकों को गलवान घाटी, पेंगोंग सो और अन्य इलाकों से वापस बुलाने की मांग की.



सरकारी सूत्रों ने बताया कि वार्ता पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास चुशूल सेक्टर में भारत की तरफ हुई. बैठक सुबह 11 बजे शुरू हुई और रात नौ बजे तक चलती रही. वार्ता में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व 14वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह ने किया, जबकि चीनी पक्ष का नेतृत्व तिब्बत सैन्य जिले के मेजर जनरल लियु लिन ने किया.




सूत्रों ने बताया कि भारतीय पक्ष ने सीमा से जुड़े मुद्दों के समाधान के दोनों देशों के बीच हुए समझौतों के प्रावधानों का कड़ाई से पालन करने पर जोर दिया. उन्होंने बताया कि बातचीत के केंद्र में तनाव को कम करने के तौर-तरीकों को अंतिम रूप देना था. सूत्रों ने बताया कि विश्वास बहाली के उपायों पर भी चर्चा हुई. बैठक में हुई बातचीत की औपचारिक जानकारी नहीं दी गई है. पांच मई को दोनों सेनाओं के बीच शुरू हुए तनाव के बाद कोर कमांडर स्तर की यह तीसरी वार्ता है.
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