Covid-19 Vaccine: भारत में कब से मिलेगी कोरोना की वैक्सीन? स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने बताया

 केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन (Dr Harsh Vardhan) ने बताया कि कोरोना की वैक्सीन अगले साल की शुरुआत में आ सकती है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन (Dr Harsh Vardhan) ने बताया कि कोरोना की वैक्सीन अगले साल की शुरुआत में आ सकती है.

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन (Dr Harsh Vardhan) ने कहा कि कोविड-19 टीका (Vaccine) लगाने के लिए समूहों की प्राथमिकता दो मुख्य बातों पर निर्भर करेगी. पेशेवर खतरा और संक्रमण का जोखिम, गंभीर बीमारी होने का खतरा और बढ़ती मृत्यु दर से रोगी को वैक्सीन दी जाएगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 13, 2020, 1:14 PM IST
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नई दिल्ली. भारत में कोरोना महामारी (Corona Pandemic) का कहर लगातार जारी है. अब तक कोविड संक्रमण के 71 लाख केस हो चुके हैं. इस महामारी से निपटने के लिए दुनियाभर में वैक्सीन (Vaccine) बनाने का काम तेजी से चल रहा है. भारत में कोरोना की वैक्सीन कब तक आएगी? इस सवाल के जवाब का हर किसी को इंतजार है. इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन (Dr Harsh Vardhan) ने बताया कि कोरोना की वैक्सीन अगले साल की शुरुआत में आ सकती है. इसके लिए तेजी से काम चल रहा है. कोरोना की वैक्सीन पहले किन्हें लगाई जाएगी, इसके लिए भी एक्सपर्ट ग्रुप ने रणनीति बना ली है.

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने सोमवार को ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की मीटिंग में ये बातें कही. उन्होंने कहा, 'भारत के बड़े जनसंख्या आकार को ध्यान में रखते हुए, एक टीका या वैक्सीन निर्माता पूरे देश में टीकाकरण की आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम नहीं होगा. इसलिए हम भारतीय आबादी के लिए उनकी उपलब्धता के अनुसार देश में कई कोरोना टीकों को पेश करने की व्यवहार्यता का आकलन करने के लिए तैयार हैं. यह भी सुनिश्चित करने की जरूरत है कि सबसे कमजोर समूह इसे पहले प्राप्त करें.'

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हर्षवर्धन ने कहा, 'वर्तमान में कोविड-19 टीका मानव क्लीनिकल ट्रायल के पहले, दूसरे और तीसरे चरणों में है, जिसके नतीजों का इंतजार है. कोरोना मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वैक्सीन के आपातकालीन प्रयोग की अनुमति देने के लिए पर्याप्त सुरक्षा और प्रभावी आंकड़ों की जरूरत होगी. आंकड़ों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी.'



किस आधार पर तय होगी प्राथमिकता
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोविड-19 टीका लगाने के लिए समूहों की प्राथमिकता दो मुख्य बातों पर निर्भर करेगी. पेशेवर खतरा और संक्रमण का जोखिम, गंभीर बीमारी होने का खतरा और बढ़ती मृत्यु दर से रोगी को वैक्सीन दी जाएगी. इस मुद्दे पर कि सरकार किस तरह से कोविड-19 के टीके को लाने की योजना बना रही है, उन्होंने कहा कि यह विचार है कि शुरुआत में टीके की आपूर्ति सीमित मात्रा में उपलब्ध होगी.

वैक्‍सीन देने को लेकर क्‍यों हो रही इतनी तैयारी?
वहीं. संडे संवाद में स्वास्थ्य मंत्री से कोरोना वैक्सीन को लेकर कई सवाल किए गए थे. इसी कार्यक्रम में हर्षवर्धन से पूछा गया कि जब कोई वैक्‍सीन अप्रूव ही नहीं हुई है तो तैयारियां क्‍यों की जा रही हैं? क्‍या ऐसा केवल लोगों को झूठी उम्‍मीद देने के लिए किया किया गया है? इस पर हर्षवर्धन ने कहा, 'इसकी संभावना है कि वैक्‍सीन सीमित मात्रा में सप्‍लाई होगी.'

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उन्‍होंने कहा कि भारत जैसे बड़े देश में प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण की तैयारी करना जरूरी है, न कि एक लाइन से सबको टीका लगाना. हर्षवर्धन ने कहा क‍ि कोल्‍ड चैन और इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर से जुड़ी अन्‍य चीजें इसलिए सुनिश्चित की जा रही हैं, ताकि जब उनकी जरूरत पड़े तो कोई दिक्‍कत न आए.
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