कोरोना वायरस: साउथ कोरिया की एक और कंपनी से 5 लाख टेस्ट किट मंगाएगा भारत

कोरोना वायरस: साउथ कोरिया की एक और कंपनी से 5 लाख टेस्ट किट मंगाएगा भारत
पूर्वी चंपारण में कोरोना के पांच मामले सामने आए हैं. (सांकेतिक तस्वीर)

भारत (India) साउथ कोरिया (South Korea) की एक और कंपनी से 5 लाख कोरोना परीक्षण किट (Corona Test Kit) की खरीद रहा है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस बात की जानकारी दी.ण

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 23, 2020, 8:04 PM IST
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नई दिल्ली. देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) का प्रकोप जारी है. संक्रमितों की संख्या 22 हजार के करीब पहुंच चुकी है. ऐसे में भारत सरकार (Government of India) भी कोरोना से जंग में पूरी तरह से लगी हुई है. भारतीय विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) ने इसी को लेकर गुरुवार को अहम जानकारी साझा की. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि हमारे मिशन ने भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (Indian Council of Media Research) की ओर से एक कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है. इसके अंतर्गत भारत साउथ कोरिया (South Korea) की एक और कंपनी से 5 लाख कोरोना परीक्षण किट की खरीद रहा है.

चीन से भारत ने खरीदी थीं 5 लाख किट
बता दें इससे पहले भारत चीन से भी पांच लाख किट खरीद चुका है. वहीं साउथ कोरिया की एक कंपनी से भी भारत ने टेस्ट किट खरीदी थीं. जानकारी मिली थी कि चीन की ओर से प्राप्त हुई किट में कुछ खामियां पाई गई थीं जिसे लेकर भारत ने कहा था कि वह खराब क्वालिटी की किट को चीन को वापस करेगा. हालांकि तब इसमें अधिकतर खामी पीपीई किट में देखने को मिली थीं. लेकिन 20 अप्रैल को राजस्थान की ओर से शिकायत मिली थी कि रैपिड टेस्ट किट से नतीजे ठीक नहीं मिल रहे हैं. जिसके बाद भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने परीक्षण परिणामों में अंतर मिलने की शिकायतों के मद्देनजर राज्य सरकारों से अगले दो दिन तक इसका इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी थी.

उल्लेखनीय है कि भारत में चीन की दो कंपनियों से पांच लाख एंटीबॉडी रैपिड टेस्टिंग किट की आपूर्ति हुई है. विभिन्न राज्यों को कोरोना वायरस के संक्रमण की अधिकता वाले इलाकों में संक्रमण पर निगरानी के लिये यह किट मुहैया करायी गयी है.
 दो दिन के लिए किट के इस्तेमाल पर लगी थी रोक


आईसीएमआर के वरिष्ठ वैज्ञानिक रमन आर गंगाखेड़कर ने मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्रालय के नियमित संवाददाता सम्मेलन में बताया था कि इस किट के परीक्षण परिणाम में अंतर मिलने के बारे में एक राज्य से मिली शिकायत के आधार पर तीन अन्य राज्यों से इसकी पुष्टि की गयी. उन्होंने कहा कि आईसीएमआर के विशेषज्ञों को विभिन्न क्षेत्रों में इस किट से परीक्षण के लिये भेजा गया है.

गंगाखेड़कर ने कहा कि कोरोना वायरस के परीक्षण के लिये इस्तेमाल होने वाली आरटी-पीसीआर किट और रैपिड टेस्टिंग किट के परिणाम में काफी अंतर मिलने की एक राज्य से शिकायत मिलने पर इसकी पुष्टि दो अन्य राज्यों से कराये जाने के बाद सभी राज्यों को दो दिन तक इस किट का इस्तेमाल नहीं करने का परामर्श दिया गया है.

गौरतलब है कि राजस्थान सरकार ने मंगलवार को इन किट से असंगत परिणाम मिलने की आईसीएमआर को जानकारी दी थी. राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने इसका खुलासा करते हुये कहा कि इस किट के परिणाम सटीक होने की दर 5.4 प्रतिशत ही है, जबकि दावा 90 प्रतिशत होने का किया गया था, इसलिये इस किट के इस्तेमाल का कोई लाभ नहीं है.

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