इस्लामिक देशों के संगठन ने कश्मीर मुद्दे पर बदला रुख, भारत ने खारिज किया बयान

OIC की बैठक में कश्मीर के संदर्भ में कथित मानवाधिकारों के हनन का विषय उठाया गया और भारत से वहां संयुक्त राष्ट्र आयोग और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठन को जाने देने की अनुमति देने को कहा गया.

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Updated: June 4, 2019, 11:52 AM IST
इस्लामिक देशों के संगठन ने कश्मीर मुद्दे पर बदला रुख, भारत ने खारिज किया बयान
(AP Photo/Amr Nabil)
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Updated: June 4, 2019, 11:52 AM IST
इस्लामिक देशों के समूह (OIC) ने कश्मीर मामले पर अपना रुख बदल लिया है. OIC ने कश्मीर मामले पर  विशेष राजदूत की नियुक्ति कर दी है. इस पर भारत ने इस पर कड़ा रुख अख्तियार किया है. OIC ने बीते हफ्ते हुई बैठक में जम्मू और कश्मीर के निवासियों के कानूनी अधिकारों का समर्थन किया है.

OIC के बयान और उसकी ओर से विशेष दूत की नियुक्ति पर भारत ने कहा है कि यह संगठन के अधिकार क्षेत्र का हिस्सा नहीं है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि हम स्पष्ट तौर पर OIC की ओर से कश्मीर मसले पर दिए गए बयान को खारिज करत हैं.

इससे पहले मार्च में OIC में जम्मू और कश्मीर पर आए प्रस्ताव पर भारत ने कहा था कि यह हिस्सा भारत का अभिन्न अंग है और यह भारत का आंतरिक मुद्दा है. बता दें मार्च में हुई बैठक में OIC ने कश्मीर मुद्दे को भारत और पाकिस्तान के बीच का मुद्दा करार दिया था. उस दौरान कश्मीर पर एक अलग प्रस्ताव पास किया गया था.

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विदेश मंत्रालय ने कहा- 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, 'हम 31 मई को सऊदी अरब के मक्का में ओआईसी की 14वीं बैठक में मंजूर अंतिम बयान में भारत के अभिन्न हिस्से के बारे में अस्वीकार्य उल्लेख को एक बार फिर खारिज करते हैं.' उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर राज्य भारत का एक अभिन्न हिस्सा है और इससे जुड़ा मामला ओआईसी के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है..

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गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय संगठन ओआईसी में 57 सदस्य देश हैं और इनमें से 53 मुस्लिम बहुल देश हैं. पिछले शुक्रवार को पवित्र शहर मक्का में ओआईसी की 14वीं बैठक आयोजित हुई और मुस्लिम देशों के कई नेता इसमें शामिल हुये.

बैठक में उठा था कश्मीर का मुद्दा

बैठक में कश्मीर के संदर्भ में कथित मानवाधिकारों के हनन का विषय उठाया गया और भारत से वहां संयुक्त राष्ट्र आयोग और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठन को जाने देने की अनुमति देने को कहा गया. इससे पहले भी मार्च में भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर भारत का एक अभिन्न अंग है और भारत के लिए यह पूरी तरह से आंतरिक मामला है.

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इससे पहले मार्च में हुई बैठक में पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा था कि दुनिया आज आतंकवाद की समस्या से त्रस्त है और आतंकी संगठनों की टेरर फंडिंग पर रोक लगनी चाहिए. बता दें कि OIC की मीटिंग में भारत को बतौर गेस्ट ऑफ ऑनर न्योता भेजा गया था. इसके विरोध स्वरूप पाकिस्तान ने इस सम्मेलन का बहिष्कार किया और इसमें शामिल नहीं हुआ.

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First published: June 4, 2019, 11:52 AM IST
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