कश्मीर पर दिखाई मजबूती, व्यापार पर साधी चुप्पी: मोदी-ट्रंप की मीटिंग में सामने आई ये 9 बातें

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Updated: August 27, 2019, 5:14 AM IST
कश्मीर पर दिखाई मजबूती, व्यापार पर साधी चुप्पी: मोदी-ट्रंप की मीटिंग में सामने आई ये 9 बातें
G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रेसवार्ता में प्रसन्न मुद्रा में भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

फिलहाल ट्रंप (Trump), पीएम मोदी (PM Modi) के इस आश्वासन के साथ जाते दिखे कि कश्मीर (Kashmir) में परिस्थितियां नियंत्रण में हैं. ऐसे में पीएम मोदी के सामने अगली चुनौती बाहरी मुद्दों पर होने के बजाए आंतरिक (Internal) होगी.

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(जक्का जैकब)

जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) का विशेष दर्जा खत्म किए जाने के बाद और वहां से अनुच्छेद 370 हटाए (Article 370) जाने के बाद जी-7 शिखर सम्मेलन (G-7 Summit) में सोमवार को पीएम मोदी (Narendra Modi) और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की पहली मुलाकात हुई. इस दौरान पीएम मोदी ने ट्रंप से स्पष्ट कहा कि भारत (India) और पाकिस्तान (Pakistan) के बीच सभी मुद्दे द्विपक्षीय (Bilateral) हैं और इनमें किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता का कोई सवाल ही नहीं है.

पीएम मोदी के इस जोर देने का ही असर था कि अपनी पहले कि कश्मीर पर मध्यस्थता की रट से डोनाल्ड ट्रंप पीछे हटते दिखे और उन्होंने कहा कि दो पड़ोसी अपने दम पर ही इस समस्या का समाधान निकाल सकते हैं. हालांकि भारत और अमेरिका (America) के बीच होने वाले द्विपक्षीय व्यापार का मुद्दा इस बैठक के दौरान हुई बातचीत का हिस्सा नहीं रहा और दोनों ही पक्ष इस मुद्दे पर अपने जबरदस्त मतभेदों को लेकर बिल्कुल शांत रहे.

ऐसे में G7 शिखर सम्मेलन में हुई इस मीटिंग से निकलने वाली 9 महत्वपूर्ण बाते ये रहीं-

1. कश्मीर को लेकर भारत के कड़े रुख का अच्छा नतीजा हुआ है. ट्रंप ने एक बार भी कश्मीर पर मध्यस्थता की बात को बातचीत के दौरान मुंह से नहीं निकाला और न ही उन्होंने कश्मीर मुद्दे पर अपनी कोई रुचि ही जाहिर की. बातचीत में वे जल्दी ही व्यापार जैसे दूसरे मुद्दों पर चर्चा करने लगे.

2. पीएम मोदी ने ट्रंप से साफ-साफ कह दिया है कि जिस बात पर भी चर्चा होगी, वह पूरी तरह से भारत और पाकिस्तान के बीच होगी. किसी तीसरे देश के हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है.

3. पीएम मोदी ने चतुराई से यह भी कहा कि हम किसी भी तीसरे देश को अपनी समस्याओं में शामिल करके कष्ट नहीं देना चाहते हैं. यह हल्के-फुल्के तरीके से कश्मीर के मुद्दे पर ट्रंप को मध्यस्थता की बात से पीछे हटने का इशारा था.
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4. बिआरित्ज में मोदी-ट्रंप की मीटिंग से पहले ही अमेरिका के विदेश मंत्रालय की ओर से मध्यस्थता के मुद्दे पर अपने रुख को ढीला कर दिया गया था.

5. फिलहाल ट्रंप ने पीएम मोदी के आश्वासन पर भरोसा जताया है कि कश्मीर में परिस्थितियां नियंत्रण में हैं. इस मुद्दे पर पीएम मोदी की बड़ी चिंता अब देश के बाहर न होकर, आंतरिक स्थितियों को नियंत्रण में बनाए रखने की होगी. कश्मीर में जब-जब नियंत्रण में ढील दी जा रही है, वहां प्रदर्शन हो रहे हैं. ऐसे में पाकिस्तान के वहां पर गड़बड़ी फैलाने की समस्या से ज्यादा जरूरी इन प्रदर्शनों को नियंत्रित करना है.

6. अफगानिस्तान से अमेरिकी सेनाओं को निकालना अभी भी ट्रंप के लिए प्राथमिकता वाला मुद्दा है. ऐसे में वे दूसरे देशों की इम मामले में मदद चाहते हैं. इन देशों में भारत और पाकिस्तान भी शामिल हैं.

7. उस वक्त पीएम मोदी और ट्रंप के बीच खुशमिजाजी भी दिखी, जब ट्रंप ने मजाक करते हुए कहा कि पीएम मोदी अंग्रेजी बोलते हैं लेकिन वे हिंदी नहीं बोलते. ट्रंप ने यह बात कहते हुए पीएम मोदी को थपकी दी और मोदी ने भी ट्रंप की बांह पकड़कर, दोनों हथेलियों से थपकी दी. इसके बाद दोनों हंसने लगे.

8. दोनों ही पक्ष व्यापार के मुद्दे पर अपनी असहमतियों को लेकर शांत रहे. लेकिन जिस तरह से पीएम मोदी के साथ बैठे होने के बाद भी ट्रंप ने लगातार अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध पर पूछे गए सवालों के लगातार जवाब दिए, यह साफ था कि व्यापार को लेकर अभी भी व्यापार के मामले में ट्रंप का नंबर एक निशाना भारत नहीं है.

9. एक मात्र देश जिसने ट्रंप के साथ अपने व्यापारिक संबंधों को एक स्थायित्व दिया है, वह जापान है. ऐसा जापान ने सीधे अमेरिका से हजारों टन मक्के के आयात को अनुमति देकर किया है.

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First published: August 27, 2019, 5:12 AM IST
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