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'मिशन शक्ति' पर अमेरिका ने कहा- अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत को अभी तय करना है लंबा रास्‍ता

एंटी सैटेलाइट मिसाइल के लॉन्चिंग के दौरान की तस्‍वीर

एंटी सैटेलाइट मिसाइल के लॉन्चिंग के दौरान की तस्‍वीर

कार्नेगी एंडोवमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस के एक वरिष्ठ फेलो एशले जे टेलिस ने कहा कि 2007 में चीन के A-SAT मिसाइल परीक्षण के बाद से, भारत खुद A-SAT परीक्षण पर विचार कर रहा था.

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    'मिशन शक्ति' पर अमेरिका के वैज्ञानिकों का कहना है कि भारत को अभी इस क्षेत्र में लंबा रास्‍ता तय करना है. इसके साथ ही उन्‍होंने अंतरिक्ष की सुरक्षा भी सुनिश्चित करने की बात कही. भारत ने एंटी-सैटेलाइट मिसाइल के द्वारा अंतरिक्ष में अपने एक सैटेलाइट को मार गिराया है. इस परीक्षण के बाद भारत अमेरिका, रूस और चीन के बाद दुनिया का चौथा ऐसा देश बन गया है जिसमें दुश्‍मन के सैटेलाइट को मार गिराने की क्षमता है.

    कार्नेगी एंडोवमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस के एक वरिष्ठ फेलो एशले जे टेलिस ने कहा कि 2007 में चीन के A-SAT मिसाइल परीक्षण के बाद से, भारत खुद A-SAT परीक्षण पर विचार कर रहा था. भारत के लिए इसका मुख्य मकसद था भविष्य में चीन को स्पेस के क्षेत्र में करारा जवाब देना.

    उन्‍होंने कहा कि भारत को अंतरिक्ष की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अभी भी एक लंबा रास्‍ता तय करना है. टेलिस ने पीटीआई से कहा, 'चीन के पास काउंटर स्‍पेश एबिलिटी है और भारतीय स्‍पेस सिस्‍टम अभी भी स्‍पेसटाइम और संघर्ष में बेहद कमजोर है. कल के A-SAT टेस्ट में बुनियादी स्‍तर पर कोई बदलाव नहीं किया गया है.

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    इससे पहले अमेरिका ने स्पेस में जमा होने वाले मलबे को लेकर चिंता जाहिर की है. अमेरिका ने कहा कि अंतरिक्ष में लगातार बढ़ रहा मलबा हमारे लिए चिंता का विषय है. हालांकि अमेरिकी प्रवक्ता ने ये भी कहा कि अमेरिका अंतरिक्ष और विज्ञान के क्षेत्र में भारत के साथ सहयोग जारी रखेगा. अंतरिक्ष में सुरक्षा को लेकर भी अमेरिका हमेशा भारत के साथ खड़ा रहेगा.

    हालांकि, विदेश मंत्रालय ने कहा कि टेस्ट पृथ्वी के निचले वातावरण में किया गया था ताकि अंतरिक्ष में मलबे की समस्या खड़ी न हो. उन्होंने कहा कि जो भी मलबा इसकी वजह से जमा हुआ है वह धीरे धीरे खत्म हो जाएगा और कुछ ही हफ्तों में दुबारा पृथ्वी पर आ गिरेगा.

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    दरअसल, बुधवार को पीएम मोदी ने घोषणा की थी कि भारत ने एंटी-सेटेलाइट मिसाइल के द्वारा अंतरिक्ष में अपने एक सैटेलाइट को मार गिराया है. इसके बाद भारत ऐसी क्षमता रखने वाला अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश हो गया है.

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