Coronavirus: कोरोना से जूझते हुए भी भारत ने की 123 देशों की मदद, साझेदारों को पहुंचाई दवाएं

देश में दवाओं व वैक्सीन की किल्लत को लेकर सरकार को इस मुद्दे पर आलोचना का शिकार भी होना पड़ रहा है.

वसुधैव कुटुंबकम की नीति का पालन करते हुए भारत ने महामारी काल में भी दुनियाभर के 123 देशों की मदद की.

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    नई दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने गुरुवार को कहा कि भारत ने कोविड -19 महामारी के बीच अपनी जरूरतों के बावजूद 123 साझेदार देशों को दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित की है. उन्होंने कहा कि महामारी के दौर में भारत संक्रमण से निपटने के लिए चिकित्सीय और टीके विकसित करने के वैश्विक प्रयासों में भी सक्रिय रहा है.

    हर्षवर्धन सिंह ने यह बात NAM (गुटनिरपेक्ष आंदोलन) देशों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ बातचीत के दौरान कही. इस बैठक में विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस भी मौजूद थे. यह दोहराते हुए कि भारत हमेशा सभी के स्वास्थ्य के लिए प्रयास करेगा. हर्षवर्धन ने कहा कि अपनी जरूरतों के बावजूद, कोविड -19 महामारी के दौरान, हमने 59 NAM देशों सहित 123 भागीदार देशों को दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित की है. भारत कोविड-19 से लड़ने के लिए चिकित्सीय और टीके विकसित करने के वैश्विक प्रयासों में भी सक्रिय रहा है क्योंकि हम जानते और समझते हैं कि जब तक सभी सुरक्षित नहीं हैं तब तक कोई भी सुरक्षित नहीं है.

    बता दें, देश में दवाओं व वैक्सीन की किल्लत को लेकर सरकार को इस मुद्दे पर आलोचना का शिकार भी होना पड़ रहा है. सवाल भी उठे कि जब देश में ही दवाओं की पूर्ति नहीं हो पा रही है तो वह दूसरे देशों को यह क्यों भेज रही है. इसके बावजूद संकटकाल में भारत ने मानवता की खातिर दूसरों की मदद में संकोच नहीं किया.