पलक झपकते दुश्मनों के टैंक को तबाह कर देगी स्वदेशी मिसाइल 'नाग'

नाग मिसाइल की खासियत ये है कि युद्ध के यह यह दुश्मनों के टैंक को चार किलोमीटर दूर से ही ध्वस्त करने की क्षमता रखती है.

News18Hindi
Updated: July 8, 2019, 4:08 PM IST
पलक झपकते दुश्मनों के टैंक को तबाह कर देगी स्वदेशी मिसाइल 'नाग'
भारत ने स्वदेसी एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल नाग का किया सफल परीक्षण
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Updated: July 8, 2019, 4:08 PM IST
भारतीय सेना लगातार अपने दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए अपनी ताकत बढ़ा रही है. इसी कड़ी में भारत ने रविवार देर शाम स्वदेसी एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल नाग का तीन बार सफल परीक्षण किया. यह परीक्षण पोखरण की टेस्ट फायरिंग रेंज में किया गया. ये टेस्ट जानकर दिन और रात के समय किया गया. रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के वैज्ञानिक देखना चाहते थे कि मिसाइल नाग रात के अंधेरे में भी टारगेट पर सटीक वार कर सकती है या नहीं.

स्वदेसी एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल नाग की खास बात ये है कि ये आसानी से अपना टारगेट सेट कर सकती है. नाग मिसाइल की खासियत ये है कि युद्ध के यह यह दुश्मनों के टैंक को चार किलोमीटर दूर से ही ध्वस्त करने की क्षमता रखती है. इसी के साथ अंधेरे में भी यह टारगेट पर सटीक निशाना लगाकर उसे तबाह कर सकती है. मिसाइल थर्मल टारगेट सिस्टम (टीटीएस) तकनीक पर काम करती है.



इस तकनीक से ऑपरेशनल टैंक की थर्मल इमेज क्रिएट हो जाती है, जिसके बाद टारगेट को लॉक करके मिसाइल दाग दी जाती है. मिसाइल लॉन्च होने के बाद इमेजिन इंफ्रारेड रडार से मिसाइल लॉक्ड टारगेट को फॉलो करते हुए हिट करती है. लॉन्चिंग के बाद इसे किसी भी तरह की एक्सटर्नल कमांड की जरूरत नहीं पड़ती.
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इस मिसाइल की खास बात ये है कि ये अन्य मिसाइलों से काफी हल्की है. इसका भार 93 पौंड यानी 42 किलो है और इसकी लंबाई 6 फुट 3 इंच यानी 1.90 मीटर है. इसी के साथ मिसाइल का व्यास 190 एमएम यानी 7.5 इंच है और इसे फाइव मिसाइल सिस्टम पर आधारित है. इसका गाइडेंस सिस्टम एक्टिव इमेजिन इंफ्रारेड रडार सीकर पर आधारित है.

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First published: July 8, 2019, 3:30 PM IST
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