चीन की सीमा से सटे इलाकों में आधारभूत संरचना का विस्तार करेगा भारत

रक्षा मंत्रालय ने विवादित क्षेत्रों सहित भारत-चीन के बीच की करीब 4,000 किलोमीटर लंबी सीमा के पास अपनी आधारभूत संरचना में बड़ा विस्तार करने का फैसला किया है.

भाषा
Updated: October 13, 2017, 6:43 PM IST
चीन की सीमा से सटे इलाकों में आधारभूत संरचना का विस्तार करेगा भारत
Image Source: फ़र्स्टपोस्ट
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Updated: October 13, 2017, 6:43 PM IST
रक्षा मंत्रालय ने विवादित क्षेत्रों सहित भारत-चीन के बीच की करीब 4,000 किलोमीटर लंबी सीमा के पास अपनी आधारभूत संरचना में बड़ा विस्तार करने का फैसला किया है.

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि थल सेना कमांडरों के सम्मेलन में यह फैसला किया गया. सम्मेलन में डोकलाम गतिरोध पर गहन चर्चा हुई. इसके अलावा, उत्तरी सीमा पर सभी संभावित सुरक्षा चुनौतियों का भी विश्लेषण किया गया. महानिदेशक (स्टाफ ड्यूटी) लेफ्टिनेंट जनरल विजय सिंह ने सम्मेलन के बारे में पत्रकारों को बताया कि उत्तरी सेक्टर में सड़क निर्माण गतिविधियों को लेकर काफी तेज आएगी.

इस सम्मेलन में रक्षा मंत्रालय के आला अधिकारियों सहित अन्य लोगों ने हिस्सा लिया. लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने बताया कि कमांडरों ने कुछ इकाइयों में सांगठनिक बदलाव करने पर भी चर्चा की ताकि उनकी मौजूदा क्षमता बढ़ाई जा सके. इससे संकेत मिलते हैं कि थल सेना नेतृत्व किसी भी आपात स्थिति से निपटने की अपनी मौजूदा तैयारियों को पुख्ता बनाने को लेकर गंभीर है.

एक हफ्ते तक चलने वाले इस सम्मेलन की शुरुआत सोमवार को हुई थी. सम्मेलन को संबोधित करते हुए थल सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कमांडरों से कहा कि वे किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हर वक्त तैयार रहें.

लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने कहा कि थलसेना प्रमुख ने हथियारों, गोला-बारूदों और उपकरणों की खरीद को प्राथमिकता देने की जरूरत पर जोर दिया.

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि भारत-चीन सीमा के पास क्षमता बढ़ाने पर ज्यादा जोर रहा और सम्मेलन में फैसला किया गया कि चीन सीमा पर विवादित क्षेत्रों के आसपास आधारभूत संरचना को मजबूत बनाया जाएगा.

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी सम्मेलन को संबोधित किया और बाहरी एवं भीतरी खतरों से निपटने में थलसेना की तीव्र एवं प्रभावी प्रतिक्रिया को सराहा.

उन्होंने दुश्मन ताकतों के खिलाफ चौकस रहने की जरूरत पर जोर दिया और उभरती चुनौतियों से प्रभावी रूप से निपटने में तीनों सेनाओं के एकीकरण की जरूरत का जिक्र किया.

बीते 16 जून से अगले 73 दिनों तक डोकलाम में भारत और चीन के बीच गतिरोध कायम रहा था. इस गतिरोध की शुरुआत तब हुई थी जब भारत ने चीनी सेना को एक विवादित इलाके में सड़क बनाने से रोक दिया था. डोकलाम पर भूटान और चीन के बीच विवाद है.

 
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