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30 नवंबर से भारत करेगा SCO समिट की मेजबानी, छह देशों के प्रधानमंत्री लेंगे भाग

फाइल फोटोः विदेश मंत्रालय (External Affairs Ministry) के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव
फाइल फोटोः विदेश मंत्रालय (External Affairs Ministry) के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव

भारत 2017 में SCO का हिस्सा बना था, यह बैठक हर चार साल आयोजित की जाती है और इसमें संगठन के व्यापार और आर्थिक एजेंडे पर जोर दिया जाता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 28, 2020, 9:46 PM IST
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नई दिल्ली. शंघाई सहयोग संगठन (Shanghai Cooperation Organisation) के सदस्य देशों के शासनाध्यक्षों के शिखर सम्मेलन में छह देशों के प्रधानमंत्री भाग लेंगे. भारत की मेजबानी में सोमवार को आयोजित इस बैठक में रूस, चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान के प्रधानमंत्री भाग लेंगे जबकि पाकिस्तान (Pakistan) का प्रतिनिधित्व विदेश मामलों के संसदीय सचिव करेंगे.

भारत 2017 में इस प्रभावशाली समूह का पूर्ण सदस्य बना था और उसके बाद पहली बार शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है. शिखर सम्मेलन का आयोजन डिजिटल तरीके से होगा.

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू (Venkaiah Naidu) एससीओ के सदस्य देशों के शासनाध्यक्षों की परिषद की 19वीं बैठक की अध्यक्षता करेंगे. यह बैठक हर साल आयोजित की जाती है और इसमें संगठन के व्यापार और आर्थिक एजेंडे पर जोर दिया जाता है.



एससीओ के सदस्य देशों के अलावा, एससीओ के चार पर्यवेक्षक देश- अफगानिस्तान, बेलारूस, ईरान और मंगोलिया भी 30 नवंबर को आयोजित शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे.
विदेश मंत्रालय ने कहा कि अफगानिस्तान के राष्ट्रपति, ईरान के पहले उपराष्ट्रपति, बेलारूस के प्रधानमंत्री और मंगोलिया के उप प्रधानमंत्री अपने देशों का प्रतिनिधित्व करेंगे.

तुर्कमेनिस्तान को मेजबान के विशेष अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया है और वहां के मंत्रिमंडल के उपाध्यक्ष अपने देश का प्रतिनिधित्व करेंगे.

संगठन के महासचिव और एससीओ क्षेत्रीय आतंकवाद रोधी संरचना (आरएटीएस) के कार्यकारी निदेशक भी डिजिटल बैठक में भाग लेंगे.

भारत पिछले साल दो नवंबर को एससीओ सदस्य देशों के शासनाध्यक्षों की परिषद का अध्यक्ष बना था. उससे पहले उज्बेकिस्तान इसका प्रमुख था. हर साल क्रमिक रूप से अलग-अलग देश इसके प्रमुख होते हैं. 30 नवंबर को शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने के साथ ही भारत का साल भर का कार्यकाल पूरा हो जाएगा.

एससीओ सदस्य देशों के शासनाध्यक्षों की परिषद के शिखर सम्मेलन को मुख्य वार्षिक कार्यक्रम माना जाता है. रूस ने 10 नवंबर को डिजिटल तरीके से इसकी मेजबानी की थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने इसमें भाग लिया था.

विदेश मंत्रालय (Foreign Ministry) ने यह भी कहा कि भारत को उम्मीद है कि संगठन के अंदर व्यापार, आर्थिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग को मजबूती मिलेगी.

उसने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि भारत की पहल न केवल कोविड-19 (Covid-19) महामारी से उत्पन्न आर्थिक चुनौतियों पर काबू पाने में एससीओ देशों के लिए सहायक होगी, बल्कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए हमारी प्रतिबद्धता भी परिलक्षत होगी.’’ शिखर सम्मेलन के अंत में एक संयुक्त बयान स्वीकार किया जाएगा.
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