सुरक्षा खतरों को देखते हुए भारतीय सेना का होगा आधुनिकीकरण, खर्च किए जाएंगे 130 अरब डॉलर

इस मेगा योजना (Mega Plan) के तहत अगले कुछ सालों में कई महत्वपूर्ण हथियार (Weapon), मिसाइल, लड़ाकू जेट, पनडुब्बी और युद्धपोत खरीदे जाएंगे.

News18Hindi
Updated: September 10, 2019, 11:16 AM IST
सुरक्षा खतरों को देखते हुए भारतीय सेना का होगा आधुनिकीकरण, खर्च किए जाएंगे 130 अरब डॉलर
आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि सरकार सेना, नौसेना और वायु सेना के आधुनिकीकरण करने जा रही है.
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Updated: September 10, 2019, 11:16 AM IST
नई दिल्ली. एक आधिकारिक दस्तावेज के मुताबिक, भारत (India) बड़े स्तर पर सुरक्षा खतरों का सामना कर रहा है और इससे निपटने के लिए केंद्र सरकार अगले पांच से सात सालों में सशस्त्र बलों (Armed forces) की युद्धक क्षमता (Combat Capability) को मजबूत करने के लिए 130 अरब डॉलर खर्च करने जा रही है. आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि सरकार ने सेना, नौसेना और वायु सेना के आधुनिकीकरण के लिए एक व्यापक योजना बनाने का फैसला किया है जिसके तहत अगले कुछ सालों में कई महत्वपूर्ण हथियार, मिसाइल, लड़ाकू जेट, पनडुब्बी और युद्धपोत खरीदे जाएंगे.

थल सेना के आधुनिकीकरण पर है फोकस
सरकार की तत्काल प्राथमिकता थल सेना के आधुनिकीकरण को तेज करना है, जिसमें 2,600 थल सेना के लड़ाकू वाहनों की खरीद शामिल है. साथ ही भारतीय सेना के लिए भविष्य में तैयार होने वाले कुल 1,700 लड़ाकू वाहनों की खरीद शामिल है. दूसरी प्रमुख प्राथमिकता भारतीय वायुसेना के लिए 110 मल्टीरोल लड़ाकू विमान खरीदना है. आधिकारिक दस्तावेज़ में कहा गया है, "सरकार सभी सशस्त्र बलों में अगले 5-7 सालों में बेड़े के आधुनिकीकरण के लिए 130 बिलियन डॉलर का खर्च करेगी." धन के पर्याप्त आवंटन पर जोर दिया जा रहा है ताकि सेना उत्तरी और पश्चिमी दोनों सीमाओं पर एक साथ युद्ध की आशंका से निपटने के लिए अच्छी तरह से तैयार रहे.

सरकार थल सेना के आधुनिकीकरण को तेज करने जा रही है.


नौसेना होगी पहले से ज्यादा ताकतवर
सूत्रों के मुताबिक सरकार चीन द्वारा अपनी वायु और नौसैनिक शक्तियों को मजबूत किए जाने की हकीकत से वाकिफ है. इसलिए इस योजना का उद्देश्य भारतीय वायु सेना और भारतीय नौसेना दोनों को उसकी जरूरत के हिसाब से मजबूती प्रदान करना है. अपनी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए भारतीय नौसेना ने पहले से ही 3-4 सालों में 200 जहाजों, 500 एयरक्राफ्ट और 24 घातक पनडुब्बियों को शामिल करने की योजना बनाई है. इस समय नौसेना के पास लगभग 132 जहाज, 220 एयरक्राफ्ट और 15 पनडुब्बियां हैं.

वायुसेना की क्षमता बढ़ाई जाएगी
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सूत्रों के मुताबिक, सरकार वायुसेना की समग्र लड़ाकू क्षमताओं को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है. सरकार दिल्ली और मुंबई जैसे लगभग सभी बड़े शहरों में हवाई क्षेत्र बनाने के लिए एक मेगा रक्षा प्रोजेक्ट पर भी काम कर रही है. अपनी बैलिस्टिक मिसाइल प्रणाली 'अग्नि 'के पहले बैच को भी शामिल किया जा रहा है, जिससे देश की वायु रक्षा प्रणाली को जबरदस्त तरीके से मजबूत किया जा सके. ये 5,000 किलोमीटर की स्ट्राइक रेंज वाली मिसाइल परमाणु वॉरहेड ले जाने में सक्षम है. अमेरिका, चीन, रूस, फ्रांस और उत्तर कोरिया सहित बहुत कम देशों के पास इस क्षमता की बैलिस्टिक मिसाइल हैं.

बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-1.


घरेलू रक्षा उद्योग को विकसित किया जाएगा
अपने मिसाइल केंद्र में भारत के पास इस समय 700 किमी रेंज के साथ अग्नि-1, 2,000 किलोमीटर की सीमा के साथ अग्नि-2 और 2,500 किमी से 3,500 किलोमीटर से ज्याद रेंज की अग्नि-3 और अग्नि-4 मिसाइल हैं. सूत्रों के मुताबिक सरकार का ध्यान घरेलू रक्षा उद्योग को विकसित करने का है और अगले कुछ महीनों में इसके लिए बड़े नीतिगत पहल किए जाने की उम्मीद है.

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First published: September 10, 2019, 10:48 AM IST
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