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    पलक झपकते विरोधी मिसाइल को मार गिराएगा ये डिफेंस सिस्टम, भारत ने किया सफल परीक्षण

    QRSAM का पहला ट्रायल 4 जून 2017 को किया गया था. (फोटो: ANI)
    QRSAM का पहला ट्रायल 4 जून 2017 को किया गया था. (फोटो: ANI)

    ट्रायल के दौरान QRSAM मिसाइल सिस्टम ने बिल्कुल सटीक निशाना लगाया. देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने इस सफल परीक्षण के लिए DRDO को बधाई दी है.

    • News18Hindi
    • Last Updated: November 17, 2020, 6:52 PM IST
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    नई दिल्ली. भारत ने मंगलवार को क्विक रिएक्शन सर्फेस टू एयर मिसाइल्स (Quick Reaction Surface-to-Air Missile (QRSAM) का एक बार फिर सफल परीक्षण किया है. ट्रायल के दौरान मिसाइल सिस्टम ने बिल्कुल सटीक निशाना लगाया. देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफल परीक्षण के लिए DRDO को बधाई दी है.

    उन्होंने ट्वीट में लिखा है-एक के बाद एक QRSAM का सफल परीक्षण करने के लिए DRDO को शुभकामनाएं. 13 नवंबर को इस मिसाइल सिस्टम के परीक्षण के दौरान रडार और मिसाइल की क्षमताओं का सफल परीक्षण हुआ. आज के परीक्षण में युद्ध के दौरान मिसाइल सिस्टम के सटीक निशाने का प्रदर्शन हुआ.


    इस मिसाइल को डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO) ने तैयार किया है. मंगलवार से पहले 13 नवंबर को भी सफल परीक्षण किया गया था. मामले के जानकार ने बताया था कि मिसाइल ने अपने टार्गेट को पूरी तरफ खत्म कर दिया था. यह मिसाइल हवा में उड़ते हुए टार्गेट को आसमान में 30 किमी तक मार सकती है. खास बात है कि जिस मोबाइल वाहन पर यह मिसाइल रखी गई थी, उसमें एक पर मिसाइल होती है और दूसरे पर एक रडार होता है. इसकी वजह से इसे हमले के वक्त एक जगह से दूसरी जगह आसानी से ले जाया जा सकता है. QRSAM का पहला ट्रायल 4 जून 2017 को किया गया था.



    तेजी से ट्रायल्स कर रहा है डीआरडीओ
    बीते डेढ़ महीनों में डीआरडीओ ने कम से कम 12 मिसाइलों के टेस्ट किए हैं. माना जा रहा है कि आने वाले समय में कुछ और टेस्ट भी किए जाने हैं. खास बात है कि टेस्टिंग की इतनी तेज रफ्तार ऐसे समय में आई है जब लद्दाख में भारत और चीन के बीच एक्चुअल लाइन ऑफ कंट्रोल (Line of Actual Control) पर तनाव जारी है.
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