ओडिशा के तट से स्टैंड एंटी-टैंक मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण, खास वायुसेना के लिए की गई है तैयार

 भारत द्वारा पिछले करीब 2 महीने में परीक्षण की जाने वाली मिसाइलों की संख्या 12 हो गई है. . (Pixabay)
भारत द्वारा पिछले करीब 2 महीने में परीक्षण की जाने वाली मिसाइलों की संख्या 12 हो गई है. . (Pixabay)

Stand-off Anti-tank (SANT) Missile: ये मिसाइल रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (Defence Research and Development Organisation) द्वारा भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) के लिए विकसित की गई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 19, 2020, 7:27 PM IST
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भुवनेश्वर. भारत ने सोमवार को ओडिशा (Odisha) के तट से स्टैंड एंटी-टैंक (सैंट) मिसाइल (Stand Anti Tank Missile) का सफलतापूर्वक परीक्षण कर लिया. सूत्रों ने इस बात की जानकारी दी. सूत्रों ने बताया कि ये मिसाइल रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (Defence Research and Development Organisation) द्वारा भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) के लिए विकसित की गई है. सूत्रों के मुताबिक ये मिसाइल लॉन्च के बाद लॉक-ऑन और लॉन्च से पहले लॉक-ऑन दोनों क्षमताओं से लैस है. इसी के साथ भारत द्वारा पिछले करीब 2 महीने में परीक्षण की जाने वाली मिसाइलों की संख्या 12 हो गई है.

भारत ने इससे पहले रविवार को भी ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के एक नौसेना प्रारूप का भारतीय नौसेना के स्वदेश निर्मित विध्वंसक पोत से रविवार को अरब सागर में सफल परीक्षण किया था. इन मिसाइलों का परीक्षण ऐसे समय में किया जा रहा है जब पूर्वी लद्दाख (Northern Ladakh) में वास्तविक नियंत्रण रेखा (Line of Actual Control) पर भारत और चीन (India-China) के बीच करीब पांच महीनों से भी ज्यादा समय से तनातनी जारी है. जून में लद्दाख की गलवान घाटी में ये तनातनी हिंसक झड़प (Galwan Clash) में तब्दील हो गई थी जिसमें 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे.


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इन मिसाइलों का अब तक किया जा चुका है परीक्षण
पिछले कुछ सप्ताह में भारत ने कई मिसाइलों का परीक्षण किया है, जिनमें सतह से सतह पर मार करने वाली सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस और एंटी रेडिएशन मिसाइल रूद्रम-1 शामिल हैं. भारत ने परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम हाइपरसोनिक मिसाइल शौर्य का भी परीक्षण किया है. रूद्रम-1 के सफल परीक्षण को एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है क्योंकि यह भारत का प्रथम स्वदेश विकसित एंटी रेडिएशन हथियार है.

भारत ने 30 सितंबर को ब्रह्मोस के सतह से सतह पर मार करने वाले नये प्रारूप का सफल परीक्षण किया था. इस मिसाइल की मारक क्षमता 290 किमी (जो मूल रूप से थी) से बढ़ाकर 400 किमी की दूरी तक की गई है.

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भारत ने लद्दाख और अरूणाचल प्रदेश में चीन से लगी सीमा पर सामरिक महत्व के कई स्थानों पर काफी संख्या में ब्रह्मोस मिसाइलों को तैनात किया हैं. (भाषा के इनपुट सहित)
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