BECA एग्रीमेंट साइन करेंगे भारत-अमेरिका, राजनाथ ने किया डिफेंस में निवेश का अह्वान

भारत और अमेरिका की टू प्लस टू बैठक 27 अक्टूबर को होने जा रही है. (सांकेतिक तस्वीर)
भारत और अमेरिका की टू प्लस टू बैठक 27 अक्टूबर को होने जा रही है. (सांकेतिक तस्वीर)

भारत और अमेरिका के विदेश मंत्रियों और रक्षा मंत्रियों के बीच 2+2 बैठक मंगलवार से शुरू होगी. इस बैठक में BECA एग्रीमेंट (Basic Exchange and Cooperation Agreement) पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 26, 2020, 11:05 PM IST
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नई दिल्ली. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को अमेरिकी समकक्ष मार्क एस्पर (Mark Esper) से बातचीत में भारत में डिफेंस में निवेश आह्वान किया. बातचीत में राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने आत्मनिर्भर भारत को बल देने के लिए अमेरिकी कंपनियों का आह्वान करते हुए कहा-भारत में उदार पॉलिसी और इकोसिस्टम आपका इंतजार कर रहे हैं.

BECA एग्रीमेंट पर करार
गौरतलब है कि भारत और अमेरिका के विदेश मंत्रियों और रक्षा मंत्रियों के बीच 2+2 बैठक मंगलवार से शुरू होगी. इस बैठक में BECA एग्रीमेंट (Basic Exchange and Cooperation Agreement) पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं. ये समझौता भारत को अमेरिका से सशस्त्र मानवरहित हवाई और पानी के भीतर के प्लेटफार्म खरीदने में सक्षम करेगा. ये तय लक्ष्यों के पिन-पॉइंटेड विनाश के लिए पड़ोसी इलाके के नक्शे के साथ लोड किए जाएंगे. इलाके के नक्शे भारत द्वारा अधिग्रहित अमेरिका निर्मित प्लेटफार्मों के जरिए सटीक उड़ान भरने में भी मदद करेंगे और इससे अपाचे अटैक हेलीकाप्टरों और चिनूक हेवी लिफ्ट हेलीकाप्टरों जैसे प्लेटफार्मों की सैन्य क्षमता को बढ़ाने में मदद मिलेगी.

मार्क एस्पर के साथ राजनाथ सिंह की मुलाकात
राजनाथ सिंह और मार्क एस्पर की मुलाकात के दौरान सीडीएस बिपिन रावत, आर्मी चीफ एमएम नरवणे, वायुसेना चीफ आरकेएस भदौरिया और नेवी चीफ करमबीर सिंह भी मौजूद रहे. राजनाथ सिंह के ट्विटर हैंडल से इसकी जानकारी दी गई है. ट्वीट में कहा गया है कि भारत अमेरिकी रक्षा मंत्री डॉ. मार्क एस्पर का स्वागत करता है. हमारी आज की बातचीत फलदायी रही और भविष्य में रक्षा क्षेत्र में सहयोग को और बढ़ाने पर सहमति बनी है. आज की बातचीत से अमेरिका-भारत संबंध में और प्रगाढ़ता आएगी.



भारत और अमेरिका दोनों के साथ चीन का विवाद
अमेरिका पिछले कुछ महीनों में विभिन्न मुद्दों को लेकर चीन की काफी आलोचना करता रहा है. इन मुद्दों में भारत के साथ सीमा विवाद, दक्षिण चीन सागर में उसकी बढ़ती सैन्य आक्रामकता, और हांगकांग में सरकार-विरोधी प्रदर्शनों से निपटने के तरीके शामिल हैं. पोम्पिओ की यात्रा से पहले अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका भारत के एक प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक शक्ति के रूप में उभरने का स्वागत करता है.
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