चीन के साथ तनाव खत्म करना चाहता है भारत लेकिन एक इंच जमीन नहीं देंगे: राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन को कड़ा संदेश दिया है. (PIC- ANI)
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन को कड़ा संदेश दिया है. (PIC- ANI)

India China Standoff: रणनीतिक रुप से अहम सैन्य अड्डे पर रक्षा मंत्री की शस्त्र पूजा भारत विरोधियों के लिए एक संदेश है. सिंह दशहरा पर पिछले कई साल से शस्त्र पूजा कर रहे हैं.

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नई दिल्ली. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने रविवार को कहा कि भारत, चीन (India-China) के साथ लगती सीमा पर तनाव को खत्म करना और शांति बहाल करना चाहता है. उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि भारत के सशस्त्र बल (Security Forces) देश की भूमि का एक इंच भी किसी को लेने नहीं देंगे. रक्षा मंत्री ने पश्चिम बंगाल (West Bengal) के दार्जिलिंग (Darjeeling) जिले के सुकना में स्थित भारतीय सेना (Indian Army) के 33 कोर के मुख्यालय में दशहरा (Dusshera) के मौके पर शस्त्र पूजा के बाद उक्त टिप्पणी की.

अधिकारियों ने बताया कि सिंह का सिक्किम (Sikkim) में वास्तविक नियंत्रण रेखा (Line of Actual Control) के पास ऊंचाई वाले सीमावर्ती इलाके शेरथांग में पूजा करने का कार्यक्रम था, लेकिन वह खराब मौसम की वजह से वहां नहीं जा सके. सिंह ने पूजा के बाद कहा, "भारत चीन के साथ सीमा पर चल रहे तनाव को खत्म करना और शांति बहाल करना चाहता है. यह हमारा लक्ष्य है, लेकिन साथ ही कुछ नापाक घटनाएं होती रहीं. मुझे पूरा यकीन है कि हमारी सेना कभी भी भारत की एक इंच भूमि भी किसी को लेने नहीं देगी. "

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पूजा के बाद सड़क का भी किया उद्घाटन
जब रक्षा मंत्री भारतीय सेना की 33 कोर के सुकना स्थित मुख्यालय में पूजा कर रहे थे, उस समय सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे (MM Narvane) तथा सेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे. रणनीतिक रूप से अहम इस सैन्य अड्डे पर सिक्किम सेक्टर में चीन से लगती एलएसी (LAC) की रक्षा की जिम्मेदारी है. पूजा करने के बाद सिंह ने सुकना से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सिक्किम में एक नई सड़क का उद्घाटन किया.

मंत्री ने कहा, "मैं विश्वास के साथ और ठोस जानकारी के आधार पर कह सकता हूं कि हाल ही में लद्दाख (Ladakh) में भारत-चीन सीमा पर जो कुछ भी हुआ है, उसके दौरान भारतीय सैनिकों के साहस और कार्यों को इतिहासकारों द्वारा सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा."

पूर्वी लद्दाख (Northern Ladakh) की गलवान घाटी (Galwan Valley) में 15 जून को चीनी सैनिकों (Chinese Troops) के साथ लड़ाई में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे. इस घटना ने दोनों देशों के बीच तनाव को काफी बढ़ा दिया था. चीन ने लड़ाई में मारे गए और जख्मी हुए अपने सैनिकों की संख्या का अब तक खुलासा नहीं किया है. भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, चीनी सैनिक बड़ी संख्या में हताहत हुए थे.

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दोनों पक्षों ने इस गतिरोध को खत्म करने के लिए राजनयिक और सैन्य स्तर की वार्ताएं की हैं लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली.

विरोधियों के लिए संदेश है रक्षा मंत्री की पूजा
एक सैन्य अधिकारी ने बताया कि रणनीतिक रुप से अहम सैन्य अड्डे पर रक्षा मंत्री की शस्त्र पूजा भारत विरोधियों के लिए एक संदेश है. सिंह दशहरा पर पिछले कई साल से शस्त्र पूजा कर रहे हैं. उन्होंने राजग की पिछली सरकार के कार्यकाल में गृह मंत्री रहने के दौरान भी यह पूजा की थी.

भारतीय सेना पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ तनाव के मद्देनजर बहुत ऊंचाई वाले इलाकों में स्थित एलएसी पर सतर्क है.

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शनिवार को सुकना पहुंचे थे रक्षा मंत्री
रक्षा मंत्री शनिवार को 33वीं कोर के सुकना स्थित मुख्यालय पहुंच थे. जवानों के एक समूह को शनिवार शाम को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा था कि भारत ने हमेशा अपने पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन समय-समय पर ऐसे हालात पैदा हुए जब देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए उसके सशस्त्र बलों को सर्वोच्च बलिदान देना पड़ा.



रक्षा मंत्री ने सैन्य अड्डे पर उच्चस्तरीय बैठक के दौरान सेना की तैयारियों की समीक्षा भी की.
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