बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सर्वाधिक प्रभावित होगा भारत, कोरोना खत्म होने पर भी रहेगा असर

भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा बेहद गहरा असर. (सांकेतिक तस्वीर)
भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा बेहद गहरा असर. (सांकेतिक तस्वीर)

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना महामारी (Covid-19) के आउटब्रेक के पहले से बना बैलेंसशीट स्ट्रेस (balance sheet stress) आगे और बुरी स्थिति में पहुंच सकता है. विश्व मुद्रा कोष ने आकलन किया है कि 2021 में देश की जीडीपी 10.3 प्रतिशत तक सिकुड़ सकती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 20, 2020, 12:38 AM IST
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नई दिल्ली. कोविड-19 की वजह से दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं (Big Economies) में भारत सबसे ज्यादा प्रभावित (Worst Affected) होगा. यहां तक कि कोरोना महामारी (Covid-19 Pandemic) का असर खत्म होने के बाद भी सबसे ज्यादा नकारात्मक असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा. ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना महामारी के आउटब्रेक के पहले से बना बैलेंसशीट स्ट्रेस आगे और बुरी स्थिति में पहुंच सकता है. विश्व मुद्रा कोष ने आकलन किया है कि 2021 में देश की जीडीपी 10.3 प्रतिशत तक सिकुड़ सकती है.

लॉकडाउन का अर्थव्यवस्था पर हुआ बुरा असर
आईएमएफ के मुताबिक पीएम मोदी द्वारा कोरोना के मद्देनजर सख्त लॉकडाउन के त्वरित फैसले की वजह से आर्थिक गतिविधियां बिल्कुल पंगु हो गईं. हालांकि आर्थिक गतिविधियों की शुरुआत के साथ दोबारा अर्थव्यवस्था के तेज होने की बात भी कही गई है. लेकिन इस बीच कोरोना के असर के निशान दिखाई देते रहेंगे.

Reuters Poll ने भी कहा था- मंदी का दौर रहेगा जारी
गौरतलब है कि बीते अगस्त महीने में Reuters Poll में कहा गया था कि भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था में सुस्‍ती का दौर कोरोना संकट के पहले से चल रहा था. इसके बाद कोविड-19 के प्रकोप ने हालात बद से बदतर कर दिए. मौजूदा हालात को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि भारत में मंदी का दौर इस साल के आखिर तक जारी रहेगा. उम्‍मीद की जा रही है कि अगले साल यानी 2021 के शुरुआती महीनों से देश में मंदी का असर कम होना शुरू होगा. रॉयटर्स के पोल के मुताबिक, देश में कोरोना वायरस प्रकोप के कारण खपत और कारोबारी गतिविधियों में कमी के कारण हालात खराब होते चले गए.





क्या बोले थे मुख्य आर्थिक सलाहकार
फिर सितंबर महीने में देश के मुख्य आर्थ‍िक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर CNBC आवाज़ के साथ खास बातचीत में बताया था कि भारतीय अर्थव्यवस्था का सबसे बुरा दौर गुजर चुका है. उन्होंने कहा था कि अगस्त के दौरान कई सेक्टर्स में कारोबार बढ़ने के संकेत मिले हैं. उन्होंने कहा था, 'इस बात का संकेत हैं कि स्थिति पहले जैसी होने की दिशा में आगे बढ़ रही है.' मुख्य आर्थिक सलाहकार ने कहा था, 'इन सभी संकेतों को देखते हुए साफ है कि स्थिति में सुधार हो रहा है और सबसे बुरा दौर गुजर चुका है. मैं ये बात डेटा के हिसाब से कह रहा हूं, ये मेरा ओपिनियन नहीं है.'
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