कुछ महीने तक कोविशिल्ड का नहीं होगा निर्यात, प्राइवेट मार्केट को भी नहीं देंगे- अदार पूनावाला

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया कोविशिल्ड नाम से ऑक्सफोर्ड की कोरोना वैक्सीन का निर्माण  कर रही है. इस कंपनी के सीईओ अदार पूनावाला. (PTI)

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया कोविशिल्ड नाम से ऑक्सफोर्ड की कोरोना वैक्सीन का निर्माण कर रही है. इस कंपनी के सीईओ अदार पूनावाला. (PTI)

भारत में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया कोविशिल्ड नाम से ऑक्सफोर्ड (Oxford University-AstraZeneca) की कोरोना वैक्सीन का निर्माण कर रही है. इस कंपनी के सीईओ अदार पूनावाला (Adar Poonawalla) ने कहा कि वैक्सीन की 5 करोड़ डोज वितरण के लिए तैयार हैं. हमें सरकार के खरीद आदेश का इंतजार है.

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  • Last Updated: January 4, 2021, 7:16 PM IST
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Covid-19 Vaccine: दुनिया के 16 देशों में कोविड वैक्सीनेशन का प्रॉसेस शुरू हो चुका है. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका (Oxford University-AstraZeneca) के इमरजेंसी इस्तेमाल को भारत सरकार से मंजूरी मिल गई है. भारत में ये वैक्सीन कोविशिल्ड (Covishield) के नाम से आएगी. वैक्सीन कैसे और कब से लगेगी? कितने समय में कंपनी इसके उत्पादन से लेकर डिलीवरी देगी, इन सभी मुद्दों पर सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अदार पूनावाला (Adar Poonawalla) ने जानकारी दी. पूनावाला ने कहा कि फिलहाल कुछ महीनों तक कोविशिल्ड वैक्सीन का दूसरे देशों में निर्यात नहीं किया जाएगा.

भारत में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया कोविशिल्ड नाम से ऑक्सफोर्ड की कोरोना वैक्सीन का निर्माण कर रही है. इस कंपनी के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा कि वैक्सीन की 5 करोड़ डोज वितरण के लिए तैयार हैं. हमें सरकार के खरीद आदेश का इंतजार है. पूनावाला ने कहा, 'इस वर्ष तैयार हुए अधिकांश टीकों को पहले से ही समृद्ध देशों ने रिजर्व कर लिया है. दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता कंपनी सीरम के विकासशील देशों के लिए सबसे अधिक टीकाकरण करने की संभावना है. हालांकि, निर्यात पर प्रतिबंध का मतलब है कि गरीब देशों को अपने पहले शॉट्स मिले. बाद में धनी देशों को डोज भेजे जाएंगे.'

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एसोसिएटेड प्रेस को फोन पर दिए गए इंटरव्यू में अदार पूनावाला ने कहा कि रविवार को ड्रग्स रेग्युलेटरी ने कोविशिल्ड के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दी है. लेकिन सीरम संस्थान पहले देश की आर्थिक रूप से कमजोर आबादी तक वैक्सीन की डोज पहुंचाएगी. बाद में वैक्सीन के शॉट्स का निर्यात किया जाएगा.
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पूनावाला ने ये भी कहा कि कंपनी अभी प्राइवेट मार्केट में वैक्सीन भी नहीं बेचेगी. उन्होंने कहा, 'अभी हम सिर्फ भारत सरकार को कोरोना वैक्सीन की डोज देंगे. प्राइवेट मार्केट को बेचने के बारे में फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया गया है.'

पूनावाला ने ये भी बताया कि निजी बाजार में इस वैक्सीन की एक खुराक की कीमत एमआरपी के हिसाब से 1000 रुपये हो सकती है. वहीं, विदेशों में निर्यात के लिहाज से इस वैक्सीन की एक खुराक की कीमत 3-5 डॉलर के बीच होगी. हालांकि, हम जिन देशों के साथ डील करेंगे, उसके आधार पर यह ऊपर-नीचे हो सकती है. हालांकि, इसमें मार्च-अप्रैल तक समय लग सकता है, क्योंकि सरकार ने हमें उससे पहले एक्सपोर्ट करने से मना किया है. हम इसे प्राइवेट मार्केट को नहीं दे सकते.



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अदार पूनावाला ने कहा, 'भारत सरकार को अभी भी हमारे साथ एक खरीद आदेश पर हस्ताक्षर करना है. खरीद आदेश पर हस्ताक्षर के बाद सरकार हमें बताएगी कि टीका कहां भेजना है और उसके 7 से 10 दिन बाद ही हम टीका वितरित कर सकते हैं.' उन्होंने कहा, 'हमने पहले 100 मिलियन खुराक के लिए उन्हें (सरकार) 200 रुपये के दाम पर लिखित में एक बहुत ही विशेष पेशकश की है. यह पेशकश केवल सरकार के लिए है और वो भी सिर्फ 100 मिलियन खुराक के लिए. इससे अधिक के ऑर्डर पर कीमत अधिक या इससे अलग हो सकती है.'
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