चीन के साथ गतिरोध पर बोले बिपिन रावत-भारत किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा

प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत. (फाइल फोटो)

प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत. (फाइल फोटो)

जनरल रावत (Bipin Rawat) ने ‘रायसीना संवाद’ में अपने संबोधन में कहा कि चीन ने सोचा कि वह थोड़ी सी ताकत दिखाकर अपनी मांगें मनवाने के लिए राष्ट्रों को विवश करने में सफल रहेगा क्योंकि उसके पास प्रौद्योगिकीय लाभ की वजह से श्रेष्ठ सशस्त्र बल हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 15, 2021, 9:40 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (CDS) जनरल बिपिन रावत (Bipin Rawat) ने पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ गतिरोध का जिक्र करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि भारत उत्तरी सीमाओं पर यथास्थिति को बदलने के प्रयासों को रोकने के क्रम में मजबूती से खड़ा रहा और साबित कर दिया कि वह किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा. जनरल रावत ने ‘रायसीना संवाद’ में अपने संबोधन में कहा कि चीन ने सोचा कि वह थोड़ी सी ताकत दिखाकर अपनी मांगें मनवाने के लिए राष्ट्रों को विवश करने में सफल रहेगा क्योंकि उसके पास प्रौद्योगिकीय लाभ की वजह से श्रेष्ठ सशस्त्र बल हैं.

उन्होंने कहा, ‘लेकिन मुझे लगता है कि भारत उत्तरी सीमाओं पर मजबूती से खड़ा रहा और हमने साबित कर दिया कि हम झुकेंगे नहीं.’ सीडीएस ने कहा कि क्षेत्र में यथास्थिति को बदलने के प्रयासों को रोकने में मजबूती से खड़ा होकर भारत अंतरराष्ट्रीय समुदाय का समर्थन प्राप्त करने में सफल रहा. रावत ने कहा, ‘उन्होंने (चीन) यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि वे शक्ति का इस्तेमाल किए बिना विध्वंसक प्रौद्योगिकियों का इस्तेमाल कर यथास्थिति को बदल देंगे. उन्होंने सोचा कि भारत, एक राष्ट्र के रूप में, उनके द्वारा बनाए जा रहे दबाव के आगे झुक जाएगा क्योंकि उनके पास प्रौद्योगिकीय लाभ हैं.’

जनरल रावत ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय यह कहने के लिए भारत का सहयोग करने आ गया कि ‘हां एक अंतरराष्ट्रीय नियम आधारित व्यवस्था है जिसका हर देश को पालन करना चाहिए. यह वह चीज है जो हम हासिल करने में सफल रहे हैं.’ भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में कई क्षेत्रों में पिछले साल मई के शुरू से सैन्य गतिरोध बना हुआ है जिससे द्विपक्षीय संबंध बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. सिलसिलेवार कूटनीतिक और सैन्य वार्ताओं के बाद भारत और चीन ने गत फरवरी में पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी छोर क्षेत्रों से अपने-अपने सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया पूरी कर ली थी। दोनों पक्ष अब अन्य क्षेत्रों से सैनिकों की वापसी के लिए बात कर रहे हैं.

जनरल रावत ने कहा, ‘उन्होंने (चीन) सोचा कि वे आ गए हैं क्योंकि उनके पास प्रौद्योगिकी लाभ की वजह से एक श्रेष्ठ सशस्त्र बल है.’ रावत ने कहा, ‘वे (चीन) विध्वंसक प्रौद्योगिकी बनाने में सफल रहे हैं जो प्रतिद्वंद्वी की प्रणालियों को पंगु बना सकती है और इसीलिए उन्हें लगता है कि वे थोड़ी सी ताकत दिखाकर अपनी मांगें मनवाने के लिए राष्ट्रों को विवश करने में सफल हो सकते हैं.’
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज