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कोरोना वायरस: खाड़ी देशों में फंसे भारतीय के लिए राहत की खबर, अगले महीने से किए जाएंगे एयरलिफ्ट

कोरोना वायरस: खाड़ी देशों में फंसे भारतीय के लिए राहत की खबर, अगले महीने से किए जाएंगे एयरलिफ्ट

भारत सरकार अगले महीने से खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों को लाने की शुरुआत करेगी.

भारत सरकार अगले महीने से खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों को लाने की शुरुआत करेगी.

सूत्रों के मुताबिक अगले महीने से खाड़ी देश (Gulf Country) में फंसे भारतीयों को लाने की कवायद तेज की जाएगी.

    (नीरज कुमार )

    नई दिल्ली. दुनियाभर में कोरोना वायरस (Coronavirus) के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए लॉकडाउन (Lockdown) किया गया है. किसी भी देश में दूसरे देश के विमान को उतरने की इजाजत नहीं दी जा रही है लेकिन अब भारत (India) ने विदेश में फंसे भारतीयों को लाने की तैयारी तेज कर दी है. सूत्रों के मुताबिक अगले महीने से खाड़ी देश (Gulf Country) में फंसे भारतीयों को लाने की कवायद तेज की जाएगी.

    बता दें कि कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए पूरे देश में 3 मई तक लॉकडाउन किया गया है. ऐसे में किसी को भी घर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं है. यहां तक की देश में न ट्रेन चल रही है और न ही विमान सेवाएं. इन सब के बीच अब खबर आई है कि भारत ने विदेशों में फंसे भारतीयों की वापसी की तैयारी की शुरुआत कर दी है.विदेश मंत्रालय ने सभी राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों से विदेशों में फंसे भारतीयों को वापस बुलाने के लिए चर्चा की शुरुआत कर दी.

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    देश में कोरोना वायरस से 24,893 लोग संक्रमित हो चुके हैं. (फाइल फोटो)


    खाड़ी के देशों से शुरुआत क्यों?
    सूत्रों के मुताबिक खाड़ी के देशों से भारतीयों की वापसी की प्रक्रिया की शुरुआत करने की वजह ये है कि इन देशो में प्रवासी मजदूर सबसे अधिक रहते हैं और कंपनियों में काम बंद होने की वजह से इनकी स्थिति गंभीर है. इसके अलावा खाड़ी देशों मे भारतीय समुदाय के लोगों की संख्या अधिक है और यहां से वापस आनेवाले इच्छुक भारतीयों की संख्या भी अधिक है इसलिए खाड़ी देशों से उन्हें लाने की शुरुआत की जा रही है. एक बार शुरुआत होने के बाद ही दूसरे देशों से भी भारतीयों की वापसी की शुरुआत होगी.



    किन विमानों से होगी भारतीयों की होगी वापसी?
    दरअसल ज्यादातर फंसे भारतीयों की वापसी स्पेशल विमान से ही होगी और शांतिकाल में भारत का ये सबसे बड़ा भारतीयों का वापसी अभियान होगा. स्पेशल विमान के अलावा दूसरे देशों के जो विमान भारत में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए आ रहे हैं, इन विमानों से भी संबंधित देशों में फंसे भारतीयों की वापसी हो सकती है. इसके अलावा खाड़ी देशों की कुछ कंपनियों ने अपने यहां काम करनेवाले कर्मचारी और अधिकारियों को चार्टर्ड फ्लाइट से भी भेजने की पेशकश की है.

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    विदेशों में एनआरआई और भारतीय मूल के लोगो की संख्या 2 करोड़ 80 लाख से अधिक है.. (सांकेतिक तस्वीर)


    राज्यों से विदेश मंत्रालय की चर्चा !
    विदेश मंत्रालय ने राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों से चर्चा की शुरुआत कर दी है. राज्यों से ये चर्चा हो रही है कि वापसी के बाद किस तरह की स्वास्थ्य संबंधी तैयारी की जाएंगी. किस राज्य में कितने लोग आने के इच्छुक हैं.

    राज्यों के आधार पर फंसे भारतीयों की मैपिंग !
    विदेशों में फंसे भारतीयों में वापसी के इच्छुक लोगों की संख्या का पता लगाने के साथ साथ भारतीय राज्यों के आधार पर भी इनकी मैपिंग हो रही है यानि ये किस राज्य से हैं. ताकि जब भारत इनकी वापसी हो तो इनके संबंधित राज्यों में इन्हें सीधे भेजा जा सके.

    विदेश मंत्रालय फंसे भारतीयों की संख्या के मूल्यांकन में जुटा!
    विदेश मंत्रालय भी लगातार विदेशों में फंसे और वापसी के लिए इच्छुक भारतीयों की संख्या का मूल्यांकन रहा है. विदेश मंत्रालय लॉकडाउन के कुछ दिनों बाद ही भारतीय दूतावासों और उच्चायोगों से जानकारी जुटा रहा है कि किस देश में कितने भारतीय ऐसे हैं जो भारत वापस आने को इच्छुक हैं. विदेशों में माइग्रेंट वर्कर के अलावा भारतीय छात्र, पर्यटक, शिपिंग क्रू के अलावा हर तरह के भारतीय शामिल हैं. फंसे भारतीयों की वापसी विदेश मंत्रालय की तरफ से जरूरतों और प्राथमिकता को ध्यान में रखकर किया जाएगा.

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    Tags: Corona, Corona Virus, Coronavirus, Lockdown, Ministry of External Affairs

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