राफेल को रिसीव करेंगे एयरफोर्स चीफ आरकेएस भदौरिया, एयरबेस पर बढ़ी सुरक्षा

राफेल को रिसीव करेंगे एयरफोर्स चीफ आरकेएस भदौरिया, एयरबेस पर बढ़ी सुरक्षा
वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया राफेल विमान को रिसीव करेंगे. (फाइल फोटो)

भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) के सूत्रों (Sources) के हवाले से समाचार एजेंसी एएनआई ने खबर दी है कि राफेल (Rafale) की पहले खेप को वायुसेना चीफ (RKS Bhadauria) खुद रिसीव करेंगे.

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नई दिल्ली. भारत के एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया (RKS Bhadauria) बुधवार को अंबाला (Ambala Air Force Station) में राफेल लड़ाकू विमानों को रिसीव करेंगे. भारतीय वायुसेना के सूत्रों के हवाले से समाचार एजेंसी एएनआई ने खबर दी है कि राफेल की पहले खेप को वायुसेना चीफ खुद रिसीव करेंगे. इससे पहले भारतीय वायुसेना ने राफेल को भारत लाने में फ्रांसीसी वायुसेना द्वारा दिए गए सपोर्ट के लिए धन्यवाद भी व्यक्त किया है. राफेल फाइटर जेट की पहली खेप कल यानी 29 जुलाई को अंबाला एयर फोर्स स्टेशन पर दोपहर तक पहुंचने की उम्मीद है.

20 अगस्त तक हो सकता है औपचारिक कार्यक्रम
भारतीय वायु सेना के बेड़े की खास ताकत के तौर पर शामिल होने जा रहे राफेल के आगमन के बाद 20 अगस्त के आसपास औपचारिक इंडक्शन कार्यक्रम होगा. इससे पहले ये भी कहा जा चुका है ​कि हालात के मद्देनज़र इन लड़ाकों का पहला इस्तेमाल लद्दाख में हो सकता है क्योंकि वायुसेना वहां पहले ही ज़मीनी सेना की मदद के लिए कॉम्बैट एयर पेट्रोलिंग कर रही है.

भदौरिया ने राफेल और सुखोई को बताया था विध्वंसक कॉम्बिनेशन
गौरतलब है कि भारत और फ्रांस के संयुक्त युद्धाभ्यास गरुण-6 के बाद तत्कालीन वाइस एयर चीफ आरकेएस भदौरिया (वर्तमान एयर चीफ मार्शल) ने दुश्मनों को सुखोई और राफेल की घातक प्रहार क्षमता को लेकर चेताया था.तब भदौरिया ने कहा था कि सुखोई और राफेल एक बार साथ में ऑपरेट करना शुरू कर दें फिर किसी भी दुश्मन के लिए ये घातक कॉम्बिनेशन होगा. साल 2016 में राफेल जेट के लिए फ्रांस से हुई बातचीत में आरकेएस भदौरिया भारतीय टीम के हेड थे. तब भी उन्‍होंने सुखोई और राफेल के कॉम्बिनेशन को बेहद घातक करार दिया था.



राफेल विमान की ताकत
राफेल एक फ्रांसीसी कंपनी डैसॉल्ट एविएशन निर्मित दो इंजन वाला मध्यम मल्टी-रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एमएमआरसीए) है. राफेल लड़ाकू विमानों को 'ओमनिरोल' विमानों के रूप में रखा गया है, जो कि युद्ध में अहम रोल निभाने में सक्षम हैं. ये बखूबी सारे काम कर सकती है- वायु वर्चस्व, हवाई हमला, जमीनी समर्थन, भारी हमला और परमाणु प्रतिरोध. कुल मिलाकर राफेल विमानों को वैश्विक स्तर पर सर्वाधिक सक्षम लड़ाकू विमान माना जाता है.
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