भारतीय वायुसेना ने बताया- बालाकोट से पहले भी पाकिस्तान के खिलाफ की थी एयर स्ट्राइक

वायुसेना के सेंट्रल कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ राजेश कुमार ने कहा, 'साल 2002 में भी एलओसी क्रॉस कर पाक अधिकृत कश्मीर के केल सेक्टर में स्थित आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की गई थी.'

News18Hindi
Updated: June 24, 2019, 12:14 PM IST
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भारतीय वायुसेना ने बताया है कि इस साल फरवरी में पाकिस्तान सीमा के अंदर बालाकोट में स्थित आतंकी कैंप पर की गई एयरस्ट्राइक से पहले भी वायुसेना ऐसा कारनामा कर चुकी है. वायुसेना ने बताया कि करगिल युद्ध के समय पाकिस्तान सीमा के अंदर एयर स्ट्राइक की गई थी. वायुसेना के सेंट्रल कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ राजेश कुमार ने कहा, 'साल 2002 में भी एलओसी क्रॉस कर पाक अधिकृत कश्मीर के केल सेक्टर में स्थित आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की गई थी. इस एयर स्ट्राइक में मिराज लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया गया था.'

करगिल युद्ध की 20वीं वर्षगांठ पर वायुसेना अधिकारी राजेश कुमार ने मध्य प्रदेश स्थित ग्वालियर में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बताया कि साल 2002 में की गई इस एयर स्ट्राइक में लेजर गाइडेड बमों का इस्तेमाल किया गया था. यह 2 अगस्त 2002 को एयर स्ट्राइक की गई थी. पीओके में एयर स्ट्राइक के दौरान आतंकी ठिकानों को नेस्ताबूत किया गया था.

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पहली बार दी गई यह जानकारी

News18 India संवाददाता संदीप बोल ने बताया कि इससे पहले कभी ऐसे ऑपरेशन के बारे में बताया नहीं गया था. हालांकि सोमवार को बताया गया कि भारतीय वायुसेना ने 2 अगस्त 2002 को पीओके में 3 से 4 किलोमीटर अंदर जाकर एयर स्ट्राइक कर आतंकी ठिकानों को बर्बाद किया. संसद पर हमले के बाद साल 2002 में ऑपरेशन पराक्रम के दौरान यह एयर स्ट्राइक की गई थी.

बताया गया कि 29 जून 2002 को पता चला कि पीओके के भीतर कुछ संदिग्ध गतिविधियां हो रही हैं. इसके बाद 1 जून को इलाके की रेकी की गई और 2 जून को गाइडेड बम से एयर स्ट्राइक की. विमानों ने ग्वालियर बेस से उड़ान भरी थी.

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बता दें सोमवार को कारगिल विजय के 20 साल पूरे होने जा रहे हैं. इस मौके पर मध्य प्रदेश में ग्वालियर के महाराजपुरा एयरफोर्स स्टेशन पर सेमीनार का आयोजन किया गया है. इसी कार्यक्रम के दौरान एक प्रेस वार्ता में वायुसेना की ओर से साल 2002 में की गई एयर स्ट्राइक की जानकारी दी गई.
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