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जोधपुर में दिखेगा राफेल का दम! भारत और फ्रांस का द्विपक्षीय युद्धाभ्यास 20 जनवरी से

भारतीय वायुसेना का ये पहला सैन्य युद्धाभ्यास होगा, जिसमें राफेल लड़ाकू विमान हिस्सा लेंगे. फोटो सौ. (न्यूज18 इंग्लिश)
भारतीय वायुसेना का ये पहला सैन्य युद्धाभ्यास होगा, जिसमें राफेल लड़ाकू विमान हिस्सा लेंगे. फोटो सौ. (न्यूज18 इंग्लिश)

भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) एक्स-डेजर्ट नाइट-21 (Ex-Desert Night-21) में फ्रांस (France) से आए नए राफेल लड़ाकू विमानों (Rafale Fighter Jets) और सुखोई 30एमकेआई (Sukhoi 30-MKI) के साथ उड़ान भरेगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 18, 2021, 8:30 PM IST
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नई दिल्ली. चीन (China) के साथ पूर्वी लद्दाख (Eastern Ladakh) में जारी तनाव के बीच भारतीय वायुसेना (Indian Air Force), फ्रांस की एयर एंड स्पेस फोर्स (Air and Space Force) के साथ मिलकर जोधपुर में युद्धाभ्यास करने जा रही है. इस द्विपक्षीय युद्धाभ्यास को एक्स-डेजर्ट नाइट-21 (Ex-Desert Night-21) नाम दिया गया है, जिसके लिए फ्रांस की वायुसेना जोधपुर स्थित एयरफोर्स स्टेशन (Jodhpur Air Force Station) पहुंच गई है. ये युद्धाभ्यास 20 जनवरी से 24 जनवरी के बीच आयोजित किया जाएगा. फ्रांस की सेना मौजूदा समय में 'स्काईरॉस डिप्लॉयमेंट' के तहत एशिया में तैनाती पर हैं और भारत के रास्ते आगे बढ़ेंगी.

दोनों सेनाओं के लिए इस युद्धाभ्यास का लक्ष्य संचालन क्षमताओं का प्रदर्शन और बेहतरीन प्रैक्टिसेस का इस्तेमाल करते हुए अपने युद्धकौशल को और निखारना है. फ्रांस और भारत की वायुसेनाएं इस सैन्य युद्धाभ्यास में फाइटर जेट, ट्रांसपोर्ट और टैंकर एयरक्राफ्ट के साथ हिस्सा लेंगी. भारतीय वायुसेना एक्स-डेजर्ट नाइट-21 में फ्रांस से आए नए राफेल लड़ाकू विमानों और सुखोई 30एमकेआई के साथ उड़ान भरेगी.

भारतीय वायुसेना का ये पहला सैन्य युद्धाभ्यास होगा, जिसमें राफेल लड़ाकू विमान हिस्सा लेंगे. राफेल विमानों को वायुसेना की सेवा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने अगस्त 2020 में शामिल किया था. फ्रांस और भारत के बीच ये युद्धाभ्यास नियमित तौर पर होने वाली गरुड़ अभ्यास श्रृंखला से अलग है, जो दोनों देशों के बीच एक दशक से भी अधिक समय से आयोजित की जा रही है.

जुलाई 2019 में भारत और फ्रांस की वायुसेना ने बड़े अभ्यास में हिस्सा लिया था. चीन के साथ पूर्वी लद्दाख में तनाव को देखते हुए राफेल और सुखोई-30एस विमानों को वायुसेना ने पूर्वी लद्दाख में तैनात किया है.
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