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Indian Air Force: अब इस हाईवे पर भी हो सकेगी विमानों की इमरजेंसी लैंडिंग, जान‍िए इसकी खास‍ियत...

Indian Air Force: अब इस हाईवे पर भी हो सकेगी विमानों की इमरजेंसी लैंडिंग, जान‍िए इसकी खास‍ियत...

पहली बार किसी राष्ट्रीय राजमार्ग का उपयोग भारतीय वायुसेना के विमानों की एमरजेंसी लैंडिंग के लिये किया जायेगा.  (File Photo)

पहली बार किसी राष्ट्रीय राजमार्ग का उपयोग भारतीय वायुसेना के विमानों की एमरजेंसी लैंडिंग के लिये किया जायेगा. (File Photo)

Indian Air Force: उत्‍तर प्रदेश के बाद अब राजस्‍थान राज्‍य के एक नेशनल हाईवे पर एमरजेंसी लैंडिंग फील्ड स्‍ट्रेच तैयार क‍िया गया है. यमुना एक्‍सप्रेसवे (Yamuna Expressway) के बाद अब राजस्‍थान के बाड़मेर के साउथ में गांधव-बाखासर सेक्शन (एनएच-925) पर व‍िमानों की आपात स्‍थित‍ि में लैंडिंग के ल‍िये साढ़े तीन क‍िलोमीटर लंबा स्‍ट्रेच तैयार क‍िया गया है जहां पर सिर्फ भारतीय वायुसेना के व‍िमानों का उतारा जा सकेगा.

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  • News18Hindi
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    नई द‍िल्‍ली. भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) के व‍िमानों की एमरजेंसी लैंड‍िंग (Emergency Landing) के ल‍िये अब एक बाद एक नेशनल हाईवे (National Highway) पर हवाई पट्टी तैयार करने का काम क‍िया जा रहा है. उत्‍तर प्रदेश के बाद अब राजस्‍थान राज्‍य के एक नेशनल हाईवे पर एमरजेंसी लैंडिंग फील्ड स्‍ट्रेच तैयार क‍िया गया है.

    यमुना एक्‍सप्रेसवे (Yamuna Expressway) के बाद अब राजस्‍थान के बाड़मेर के साउथ में गांधव-बाखासर सेक्शन (एनएच-925) पर व‍िमानों की आपात स्‍थित‍ि में लैंडिंग के ल‍िये साढ़े तीन क‍िलोमीटर लंबा स्‍ट्रेच तैयार क‍िया गया है जहां पर सिर्फ भारतीय वायुसेना के व‍िमानों का उतारा जा सकेगा.

    इस बीच देखा जाए तो अभी तक द‍िल्‍ली से सटे यूपी के यमुना एक्‍सप्रेसवे पर व‍िमानों की आपात स्‍थित‍ि में लैंड‍िंग करने की व्‍यवस्‍था थी. लेक‍िन अब केंद्र सरकार ने नेशनल हाईवे पर भी इसकी व्‍यवस्‍था के ल‍िये नया स्‍ट्रेच तैयार करवाया है. इस स्‍ट्रेच को तैयार करने में करीब 16 माह का वक्‍त लगा है ज‍िस पर कुल खर्चा 765.52 करोड़ रुपये आया है. यमुना एक्‍सप्रेसवे के बाद क‍िसी नेशनल हाईवे पर बनाया गया इस तरह का यह एमरजेंसी लैंडिंग फील्ड स्‍ट्रेच अपने आप में अनूठा माना जा रहा है.

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    जानकारी के मुताबिक भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) के व‍िमानों की एमरजेंसी लैंड‍िंग के ल‍िये नेशनल हाईवे (National Highway) पर एमरजेंसी लैंडिंग फील्ड (Emergency Landing Field) राजस्‍थान (Rajasthan) के बाड़मेर (Barmer) के दक्षिण में गांधव-बाखासर सेक्शन (एनएच-925) पर तैयार क‍िया गया है जहां पर आपात स्‍थित‍ि में व‍िमानों की लैंड‍िंग की जा सकेगी.

    केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह  ( Rajnath Singh) और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) कल 9 स‍ितंबर को इस एमरजेंसी लैंडिंग फील्ड (Emergency Landing Field) का उद्घाटन करेंगे. इसके अलावा वे 9 सितंबर को राजस्थान के बाड़मेर के दक्षिण में गांधव-बाखासर सेक्शन (NH-925) पर एमरजेंसी लैंडिंग फील्ड (ELF) पर वैमानिक गतिविधियों (aircraft operations) का अवलोकन करेंगे.

    एमरजेंसी लैंडिंग फील्ड के रूप में तैयार किया है तीन किलोमीटर लंबा हिस्सा
    सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के मुताबि‍क भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने राष्ट्रीय राजमार्ग-925ए पर सत्ता-गांधव के 41/430 किमी से 44/430 किमी के तीन किलोमीटर लंबे हिस्से को भारतीय वायु सेना के लिये एमरजेंसी लैंडिंग फील्ड (ईएलएफ) के रूप में तैयार किया है. लैंडिंग सुविधा, अभी हाल में विकसित खंड़जे से बने ऊंचे किनारे वाले (फुटपाथ के रूप में) दो लेन के गगरिया-भाखासर तथा सत्ता-गांधव सेक्शन का हिस्सा है.

    भारतमाला प्रोजेक्‍ट के तहत 765.52 करोड़ की लागत से क‍िया तैयार
    राजमार्ग मंत्रालय अध‍िकार‍ियों के अनुसार इस पूरी फील्‍ड की कुल लंबाई 196.97 किमी है और इसकी लागत 765.52 करोड़ रुपये है. इसे भारतमाला परियोजना (Bharatmala Pariyojana) के तहत निर्मित किया गया है. इस परियोजना से बाड़मेर और जालौर जिले के सीमावर्ती गांवों के बीच संपर्कता में सुधार होगा. यह हिस्सा पश्चिमी सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित है और इससे भारतीय सेना की सतर्कता बढ़ेगी और देश की अधोसंरचना भी मजबूत होगी.

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    इन तीन गांवों में बनाये गये हैं तीन हेलीपैड
    इस एमरजेंसी लैंडिंग स्ट्रिप के अलावा वायुसेना/भारतीय सेना की जरूरतों को ध्यान में रखते हुये कुंदनपुरा, सिंघानिया और भाखासर गांवों में 100X30 मीटर आकार के तीन हेलीपैड भी बनाये गये हैं. इस निर्माण से भारतीय सेना तथा देश की पश्चिमी अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा तंत्र को मजबूती मिलेगी.

    लैंडिंग स्ट्रिप पर उतर सकेंगे भारतीय वायुसेना के हर प्रकार के विमान
    मंत्रालय का कहना है क‍ि ईएलएफ का निर्माण 19 महीनों के भीतर कर लिया गया था. ईएलएफ के लिये निर्माण कार्य की शुरूआत जुलाई 2019 में हुई थी और उसे जनवरी 2921 में पूरा कर लिया गया. भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) और एनएचएआई (NHAI) की देखरेख में यह निर्माण कार्य मेसर्स जीएचवी इंडिया प्रा.लि. ने किया था.

    सामान्य दिनों में ईएलएफ का इस्तेमाल निर्बाध यातायात के लिये किया जायेगा, लेकिन जब वायुसेना को अपनी गतिविधियों के लिये इस ईएलएफ की जरूरत होगी, तो सर्विस रोड को यातायात के लिये इस्तेमाल किया जायेगा. सर्विस रोड से भी आराम से यातायात चल सकता है. ईएलएफ की लंबाई 3.5 किलोमीटर है. इस लैंडिंग स्ट्रिप पर भारतीय वायुसेना के हर प्रकार के विमान उतर सकेंगे.

    Tags: Air force, Emergency landing, Indian Airforce, NHAI, Plane, Yamuna Expressway

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