राफेल के लिए '17 स्क्वाड्रन' को फिर से एक्टिव करेगा एयरफोर्स, करगिल में दिखाया था दम

भाषा
Updated: September 10, 2019, 11:48 AM IST
राफेल के लिए '17 स्क्वाड्रन' को फिर से एक्टिव करेगा एयरफोर्स, करगिल में दिखाया था दम
राफेल विमान इस महीने के अंत में मिल सकता है.

1999 में करगिल युद्ध (Kargil War) के समय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने ‘गोल्डन ऐरोज’ 17 स्क्वाड्रन की कमान संभाली थी.

  • भाषा
  • Last Updated: September 10, 2019, 11:48 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. भारतीय वायु सेना (IAf) अपनी ‘गोल्डन ऐरोज’ 17 स्क्वाड्रन ‘वायुसेना की टुड़की’ को फिर से एक्टिव कर सकती है जो राफेल लड़ाकू विमान (Rafale Fighter Jet) उड़ाने वाली पहली इकाई होगी. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ (Air Force Chief BS Dhanoa) मंगलवार को अंबाला वायुसेना केंद्र पर एक समारोह में 17 स्क्वाड्रन को फिर से शुरू करेंगे.

भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) बहुचर्चित राफेल विमानों Rafale Fighter Jet) का स्वागत करने के लिए तैयार है. 1999 में करगिल युद्ध (Kargil War) के समय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने ‘गोल्डन ऐरोज’ 17 स्क्वाड्रन की कमान संभाली थी. बठिंडा वायुसेना केंद्र से संचालित स्क्वाड्रन को 2016 में बंद कर दिया गया था. तब वायुसेना ने रूस निर्मित मिग 21 विमानों को चरणबद्ध तरीके से हटाना शुरू किया था.

स्क्वाड्रन की 1951 हुई थी स्थापना
स्क्वाड्रन की स्थापना 1951 में की गई थी और शुरू में इसने हैविलैंड वैंपायर एफ एमके 52 लड़ाकू विमानों की उड़ानों को संचालित किया था.

इस महीने के अंत में मिल सकता है राफेल
भारत को पहला राफेल विमान इस महीने के अंत में मिल सकता है. वायुसेना ने राफेल का स्वागत करने के लिए जरूरी ढांचा तैयार करने तथा पायलटों के प्रशिक्षण समेत सभी तैयारियों को पूरा कर लिया है.

पहला दस्ता अंबाला में किया जाएगा तैनात
Loading...

सूत्रों ने कहा कि विमान के पहले दस्ते को अंबाला वायुसेना केंद्र में तैनात किया जाएगा, जिसे वायुसेना के रणनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण केंद्रों में गिना जाता है. यहां से भारत-पाक सीमा करीब 220 किलोमीटर है. वहीं, राफेल की दूसरी स्क्वाड्रन पश्चिम बंगाल के हासीमारा केंद्र में तैनात रहेगी.

ये भी पढ़ें-

भारतीय सेना का होगा आधुनिकीकरण, खर्च किए जाएंगे 130 अरब डॉलर

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 10, 2019, 11:46 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...