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पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे ही नहीं, देश के 21 हाइवे का भी इस्तेमाल करेगी Indian Air Force, देखें लिस्ट

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे ही नहीं, देश के 21 हाइवे का भी इस्तेमाल करेगी Indian Air Force, देखें लिस्ट

देशभर के विभिन्न राज्यों में मौजूद 21 हाइवे और एक्सप्रेस-वे पर लड़ाकू और ट्रांसपोर्ट विमान उतारे जा सकते हैं. file photo

देशभर के विभिन्न राज्यों में मौजूद 21 हाइवे और एक्सप्रेस-वे पर लड़ाकू और ट्रांसपोर्ट विमान उतारे जा सकते हैं. file photo

सड़क रनवे का फायदा ये होता है कि युद्ध के समय फाइटर प्लेन को यहां लाकर खड़ा किया जा सकता है और सभी मूवमेंट यहीं से होती है. एयर फोर्स जल्द ही देश के 21 महत्वपूर्ण नेशनल हाइवे और एक्सप्रेस-वे का फायटर जेट्स की लैंडिंग और टेकऑफ के लिए इस्तेमाल करेगी. ऐसा करके वो अपनी ताकत में इजाफा करना चाहती है. इससे पहले यमुना एक्सप्रेस-वे (Yamuna Expressway) और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे (Agra-Lucknow Expressway) पर फाइटर और ट्रांसपोर्ट एयर क्राफ्ट को उतारकर वायुसेना अपने इरादों से वाकिफ भी करा चुकी है.

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    नई दिल्ली. युद्ध के दौरान दुश्मन सबसे पहले एयर फोर्स स्टेशन (Air Force Station) की हवाई पट्टी यानी रनवे (Runway) को निशाना बनाता है, जिससे एयर फोर्स को कमजोर किया जा सके और फाइटर प्लेन (Fighter Air Craft) उड़ान नहीं भर सकें. इसी को देखते हुए केन्द्र और राज्य सरकारें सभी एक्सप्रेस-वे और हाइवे पर 2 से 3 किलोमीटर हिस्से को रनवे के रूप में तैयार कर रहे हैं. पूर्वांचल और दूसरे तीन एक्सप्रेस-वे (Purvanchal Expressway) को भी इसी सोच के साथ तैयार किया गया है. इसके साथ ही देश के अलग-अलग राज्यों में 21 हाइवे (Highway) को भी रनवे के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए चिन्हित किया गया है.

    यहां हैं वो हाइवे और एक्सप्रेस-वे

    देशभर के विभिन्न राज्यों में मौजूद 21 हाइवे और एक्सप्रेस-वे पर लड़ाकू और ट्रांसपोर्ट विमान उतारे जा सकते हैं. रक्षा मंत्रालय सभी हाइवे का बारीकी से निरीक्षण कर चुका है. इसके लिए परिवहन मंत्रालय ने भी अपनी सहमती दे दी है. कुछ हाइवे को मंजूरी भी मिल गई है. वहीं ग्रेटर नोएडा से आगरा तक यमुना एक्सप्रेस-वे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर फाइटर एयरक्राफ्ट उतारने की प्रेक्टिस भी हो चुकी है. आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर तो भारी-भरकम ट्रांसपोर्ट प्लेन हरक्यूलिस भी उतारा गया था.

    अब इसी कड़ी में आज पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे भी शामिल होने जा रहा है. आज इस एक्सप्रेस-वे पर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे की तरह से ही फाइटर प्लेन के साथ-साथ इंडियन एयर फोर्स का भारी-भरकम हरक्यूलिस विमान भी उतारा जाएगा. इसके अलावा जल्द ही दिल्ली से मुरादाबाद एक्सप्रेस-वे का नाम भी इस लिस्ट में शामिल हो जाएगा. मुरादाबाद एक्सप्रेस-वे पर विमानों को उतारने की मंजूरी मिल चुकी है. जानकारी के मुताबिक सभी 21 हाइवे और एक्सप्रेस-वे को हवाई पट्टी के रूप में विकसित किया जाएगा, जिस पर वाहन भी चलेंगे और जरूरत पड़ने पर विमान भी उतारे जाएंगे.

    युद्ध के समय Air Force फाइटर प्लेन उतारने के लिए एक्सप्रेसवे-हाइवे का करती है इस्तेमाल, जानिए वजह

    इतना ही नहीं जरूरत पड़ने पर छत्तीसगढ़, ओडिशा, जम्मू, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, गुजरात, पश्चिम बंगाल, असम, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडू, राजस्थान आदि राज्यों में स्थित हाइवे पर विमान उतारने की तैयारी है. सूत्रों की मानें हाइवे पर एयर फोर्स के विमानों की आपात लैडिंग कराने की वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है.

    परिवहन मंत्रालय के सहयोग से हो रही है कोशिश

    परिवहन मंत्रालय के सहयोग से इस योजना में पूरे देश के सभी हाइवे को शामिल किया गया है. विमान की लैडिंग व टेकऑफ के लिए नेशनल हाइवे का चयन एयर फोर्स के अफसरों द्वारा किया गया है. जबकि कुछ हाइवे का अभी मुआयना किया जा रहा है. नेशनल हाइवे ऑथरिटी ऑफ इंडिया हाइवे के कुछ हिस्से को एयर फोर्स के मापदण्डों पर बनवाती है.


    किन-किन देशों में हो चुका है सड़क रनवे का इस्तेमाल
    21 मई 2015 को भारत में सड़क रनवे का इस्तेमाल पहली बार किया गया था. जबकि कई ऐसे देश हैं जहां इसका इस्तेमाल हो चुका है. भारत से पहले इसका इस्तेमाल, सिंगापुर, स्वीडन, फीनलैंड, जर्मनी, पोलैंड, चीन गणराज्य (ताइवान) कर चुके हैं. पाकिस्तान के पास ऐसे दो रोड रनवे हैं जिसका इस्तेमाल वो युद्ध के दौरान आपात स्थिति में कर सकता है. पाकिस्तान का पहला सड़क रनवे एम -1 है जो कि पेशावर से इस्लामाबाद हाईवे पर बनाया गया है. दूसरा एम-2 इस्लामाबाद-लाहौर हाइवे पर बनाया गया है.

    Tags: Fighter jet, Indian air force, Purvanchal Expressway Inauguration

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