रूस में भारत के राजदूत ने कहा- सीमा विवाद सुलझने तक चीन के साथ व्यापार नहीं करेगा भारत

रूस में भारत के राजदूत ने कहा- सीमा विवाद सुलझने तक चीन के साथ व्यापार नहीं करेगा भारत
वर्मा ने कहा कि भारत-चीन (India-China) दोनों देशों के सीमावर्ती क्षेत्रों में वास्तविक नियंत्रण रेखा (Line of Actual Control) पर स्थिति के बारे में राजनयिक और सैन्य चैनलों के माध्यम से बातचीत कर रहे हैं.

रूस (Russia) में भारत (India) के राजदूत बी वेंकटेश वर्मा (India Envoy to Russia, B Venkatesh Varma) ने ने कहा कि भारत-चीन (India-China) दोनों देशों के सीमावर्ती क्षेत्रों में वास्तविक नियंत्रण रेखा (Line of Actual Control) पर स्थिति के बारे में राजनयिक और सैन्य चैनलों के माध्यम से बातचीत कर रहे हैं.

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नई दिल्ली. रूस (Russia) में भारत (India) के राजदूत बी वेंकटेश वर्मा (India Envoy to Russia, B Venkatesh Varma) ने गुरुवार को भारत और चीन के बीच लद्दाख सीमा पर जारी विवाद को लेकर कई अहम बातें कहीं. वर्मा ने कहा कि भारत-चीन (India-China) दोनों देशों के सीमावर्ती क्षेत्रों में वास्तविक नियंत्रण रेखा (Line of Actual Control) पर स्थिति के बारे में राजनयिक और सैन्य चैनलों के माध्यम से बातचीत कर रहे हैं. वर्मा ने एक इंटरव्यू में कहा कि विदेश मंत्री एस जयशंकर (Foreign Minister S. Jaishankar) और एनएसए अजीत डोभाल (NSA Ajit Doval) ने अपने चीनी समकक्षों के साथ वार्ता की है.

वर्मा ने आगे कहा कि भारत बातचीत के माध्यम से इन समस्याओं को हल करना चाहता है. हमने स्पष्ट कर दिया है कि हम चीन के साथ तब तक व्यापार नहीं करेंगे जब तक कि द्विपक्षीय समझौतों के अनुसार सीमावर्ती क्षेत्रों में एलएसी (LAC) और डी-एस्केलेशन के साथ सैन्य बलों का पूर्ण विघटन नहीं होगा. रूस में भारत के राजदूत बी वेंकटेश वर्मा ने आगे कहा कि जैसा कि प्रधान मंत्री मोदी ने कहा, यह विकास का युग है, और विस्तार का युग समाप्त हो गया है.

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भारत ने कहा चीन से ईमानदारी की उम्मीद
भारत के विदेश मंत्रालय ने भी गुरुवार को कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर शांति एवं स्थिरता कायम रखना चीन के साथ द्विपक्षीय संबंधों का आधार है. मंत्रालय ने कहा कि भारत उम्मीद करता है कि चीनी पक्ष पूर्वी लद्दाख से अपने सैनिकों को पूरी तरह हटाने में ईमानदरी बरतेगा. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने एक एक ऑनलाइन मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि विमर्श एवं समन्वय कार्य तंत्र के ढांचे के तहत भारत और चीन के बीच कूटनीतिक स्तर की एक और दौर की वार्ता जल्द होने की उम्मीद है. उन्होंने कहा, ‘‘सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति एवं स्थिरता कायम रखना हमारे द्विपक्षीय संबंधों का आधार है.’’

श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘इसलिए यह हमारी उम्मीद है कि विशेष प्रतिनिधियों के बीच बनी सहमति के अनुरूप चीनी पक्ष सीमावर्ती क्षेत्रों से पूरी तरह हटने और तनाव कम करने तथा पूर्ण शांति एवं स्थिरता बहाली के लिए हमारे साथ ईमानदारी से काम करेगा.’’





पूर्वी लद्दाख में दोनों देशों की सेनाओं के बीच तनाव कम करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच पांच जुलाई को टेलीफोन पर लगभग दो घंटे तक बात हुई थी. इस वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने छह जुलाई से विवाद वाले स्थानों से अपने-अपने सैनिकों को पीछे हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी. (भाषा के इनपुट सहित)
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