LoC को और सुरक्षित बनाने के लिए 'कड़े कदम' की तैयारी में भारतीय सेना- रिपोर्ट

आतंकियों से लड़ने के लिए सेना कुछ कड़े कदम उठाएगी, ताकि सीमा को भविष्य में और ज्यादा सुरक्षित बनाया जा सके.

News18Hindi
Updated: August 4, 2019, 11:39 AM IST
LoC को और सुरक्षित बनाने के लिए 'कड़े कदम' की तैयारी में भारतीय सेना- रिपोर्ट
पिछले कुछ दिनों अफवाह चल रही है कि सेना उन पर हमले कर रही है, जहां वे मानते हैं कि वे एलओसी के पार आतंकवादी लॉन्च-पैड हैं.
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Updated: August 4, 2019, 11:39 AM IST
केंद्र सरकार की ओर से जम्मू-कश्मीर में और अधिक सुरक्षाकर्मी भेजे जाने के बीच माना जा रहा है भविष्य में घुसपैठ को रोकने और लाइन ऑफ कंट्रोल को और ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए सेना कोई बड़ा कदम उठा सकती है. एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मिलिट्री अब अपना फोकस एलओसी पर करेगी. दावा है कि आतंकियों से लड़ने के लिए सेना कुछ कड़े कदम उठाएगी, ताकि सीमा को भविष्य में और ज्यादा सुरक्षित बनाया जा सके.

अंग्रेजी अखबार एशियन एज की एक रिपोर्ट के अनुसार श्रीनगर में पिछले कुछ दिनों चर्चा जोरों पर है कि एलओसी के पार आतंकियों का लॉन्च-पैड माने जा रहे ठिकानों पर भारतीय सेना के साथ-साथ वायुसेना हमले कर रही है. न तो सरकार और न ही उसके किसी प्रतिनिधि ने आधिकारिक या निजी तौर पर इस बात से इनकार किया है.

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जो कर रहे हैं इन अफवाहों पर यकीन

इन अफवाहों को विश्वसनीय मान रहे लोगों का कहना है कि पाकिस्तानी सेना इसका जवाब देगी तो दोनों ओर से कम से कम स्थानीय स्तर पर युद्ध की स्थिति पैदा हो सकती है. लोगों का कहना है कि सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज के रिइंफोर्समेंट्स जो बीते कुछ दिनों में जम्मू-कश्मीर पहुंचे या पहुंचने वाले हैं, उन्हें आतंकियों का सामना करने के साथ-साथ आतंरिक लॉ एंड ऑर्डर पर भी नजर रखनी होगी.

वहीं राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने इस आशय का आश्वासन दिया है कि उनकी पार्टी का आर्टिकल 370 और 35ए हटाने का कोई प्लान नहीं है और न ही राज्य के तीन टुकड़े करने की कोई योजना है. हालांकि उन्होंने कहा कि वह संसद में केंद्र सरकार से इस आशय की पुष्टि चाहते हैं.

राजभवन ने कहा-
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वहीं उमर से मुलाकात के बाद राजभवन से जारी एक बयान में कहा गया कि ' राज्यपाल ने पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल को बताया कि सुरक्षा स्थिति इस तरह से पैदा हुई है, जिस पर तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता थी. अमरनाथ यात्रा पर आतंकवादी हमलों के संबंध में सुरक्षा एजेंसियों को विश्वसनीय जानकारी मिली थी. नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी बढ़ा दी गई जिसका सेना ने प्रभावी ढंग से जवाब दिया गया.’

राज्यपाल ने कहा कि सेना के कोर कमांडर और राज्य पुलिस द्वारा बताया गया कि आतंकवादियों के नापाक मंसूबे को कैसे नाकाम किया गया और साथ ही उन्होंने बरामद किए गए हथियार एवं गोला-बारूद भी दिखाए.

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First published: August 4, 2019, 9:02 AM IST
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